प्रधानमंत्री से मिले शिवराज, मदद मांगी
चौहान ने प्रधानमंत्री को बताया कि प्रदेश में चना, मसूर और अरहर सहित अनेक दलहन फसलों पर पाला पड़ने के कारण लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र की पांच हजार करोड़ रुपये की फसलों का नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अपने स्तर से सहायता दे रही है, लेकिन उसे केंद्र से भी सहायता चाहिए। चौहान ने प्रधानमंत्री से केंद्रीय अध्ययन दल भेजकर क्षति का आकलन कर सहायता देने का अनुरोध किया।
चौहान ने बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत छतरपुर में एक कृषि विश्वविद्यालय खोलने का भी अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने इसके लिए जमीन चिह्न्ति कर ली है।
चौहान ने मध्य प्रदेश के लिए कोयला की आपूर्ति राज्य की कोयला खानों से करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कोयला आयात करने पर प्रदेश का चार गुना अधिक खर्च होता है। इसलिए कोयला उत्पादक राज्यों को उनके ही राज्यों से कोयला दिया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को गैर आवंटित बिजली में से 350 मेगावाट बिजली कम मिली रही है। इस दिशा में उन्होंने प्रधानमंत्री से पहल करने का आग्रह किया।
चौहान ने बताया कि प्रदेश के ताप विद्युत संयंत्रों के लिए छह कोल ब्लाक आवंटित किए गए हैं लेकिन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें शुरू नहीं किया जा सका है। प्रधानमंत्री ने चौहान को लम्बित मामलों के निराकरण में सहयोग करने का आश्वासन दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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