भाजपा कार्यकारिणी में पूर्वोत्तर व तेलंगाना पर संकल्प पारित (राउंडअप)
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा, "संप्रग सरकार का गत 20 महीने का शासन एक आपदा साबित हुआ है। देश को प्रत्येक दिन एक नए घोटाले के बारे में पता चल रहा है। लुटेरे राजकोष को लूट रहे हैं और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सम्भवत: हाथ बांधे एवं आंखें बंद किए इसे देख रहे हैं।"
पहले दिन की बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों खासकर असम पर केंद्रित एक संकल्प पारित किया गया।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए गडकरी ने कहा, "जनता संप्रग सरकार से बस इतना जानना चाहती है कि वह क्यों संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से दूर भाग रही है? तुलमोहन रामों और नागरवालों से लेकर वारेन एंडरसनों और ओत्तावियो क्वोत्रोच्चियों तक सभी अपराधी दंडित होने से सदैव बचते रहे।"
पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले गुवाहाटी में शनिवार से आरंभ हुई पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी को सम्बोधित करते हुए गडकरी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा, "यह कितना हास्यास्पद है कि जब कांग्रेस अपनी स्थापना के 125 वर्ष का उत्सव मना रही थी तब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार वर्ष 2010 को घोटालों और भ्रष्टाचार का वर्ष मना रहा था। वास्तव में हर महीने एक नए घोटाले का पर्दाफाश हुआ।"
राष्ट्रमंडल, आदर्श सोसायटी हाउसिंग और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले सहित अन्य घोटालों को जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा, "ये घोटाले इतने बड़े हैं कि सरकारी एजेंसियां और विभाग चाहें भी तो उन्हें दबा नहीं सकते। ये इतने गंभीर हैं कि इन्हें विपक्ष का प्रोपेगंडा तक नहीं कहा जा सकता। इतने घोटालों का पता चलने के बाद भी संप्रग नेता बड़ी बेशर्मी से 'भ्रष्टाचार तनिक भी बर्दाश्त न करने' की दुहाई दे रहे हैं।"
गडकरी ने कहा, "यदि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने पर इतना भरोसा है कि वह अपराधी नहीं है तो वह जेपीसी के वैध मांग का विरोध करने के लिए इस प्रकार क्यों अड़े हुए हैं। इस प्रकार की हठधर्मिता आपातकाल पूर्व दिनों की याद दिलाती है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा इस रवैये की निंदा करती है और सरकार को चेतावनी देती है कि इस प्रकार के टकराव का रवैया सरकार को बहुत महंगा पड़ सकता है। यही हठधर्मिता संसद में गतिरोध का कारण है। इस गतिरोध के लिए विपक्ष जिम्मेदार नहीं है बल्कि स्पष्ट तौर पर सरकार ही जिम्मेदार है। इस मुद्दे पर समूचा विपक्ष एकजुट है और जितनी जल्दी सरकार हमारी मांग स्वीकार करती है उतना ही सभी के लिए अच्छा होगा।"
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रवि शंकर प्रसाद ने कहा, "असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पांडिचेरी में इस वर्ष चुनाव होने जा रहे हैं। पार्टी ने इन राज्यों के चुनाव को गंभीरता से लिया है और इन सभी राज्यों में हम जीत दर्ज करने जा रहे हैं।"
पहले दिन की बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों खासकर असम पर केंद्रित एक संकल्प पारित किया गया।
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा, "पूर्वोत्तर राज्यों में ज्यादातर कांग्रेस ने शासन किया है और यहां हर तरफ घुसपैठ, आतंक, फिरौती और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। भाजपा ने इन सभी राज्यों से बुराइयों को खत्म करने का संकल्प लिया है।"
गडकरी ने कहा कि असम में अगली सरकार भाजपा बनाएगी। वह कांग्रेस को अगले विधानसभा चुनाव में यहां से बेदखल करेगी। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए पार्टी का एक एजेंडा भी जारी किया।
गडकरी ने अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने को लेकर भी चर्चा की।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को पृथक तेलंगाना राज्य के समर्थन में एक प्रस्ताव पारित किया गया। पार्टी ने अलग तेलंगाना राज्य के गठन में हो रही देरी के लिए केंद्र की कांग्रेसनीत सरकार को दोषी ठहराया।
भाजपा की ओर से शनिवार शाम जारी एक बयान में कहा गया, "पृथक तेलंगाना राज्य के गठन में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की ओर से हो रही देरी पर भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी अपनी नाराजगी जाहिर करती है। भाजपा मानती है कि तेलंगाना क्षेत्र की जनता की यह मांग वैधानिक है।"
बयान में कहा गया, "इस छोटे राज्य के निर्माण से क्षेत्र का विकास होगा। अलग राज्य इस क्षेत्र की आवश्यकता है।"
भाजपा ने बयान के जरिए केंद्र सरकार से पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए संसद में जल्द से जल्द विधेयक लाने की मांग की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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