प्रवासी भारतीय दिवस का समापन, 14 लोग सम्मानित (राउंडअप)
रविवार को न्यूजीलैंड के गवर्नर जनरल सर आनंद सत्यानंद और कतर के 'इंडियन कम्युनिटी बेनेवोलेंट फोरम' को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया।
प्रवासी भारतीय दिवस में 51 देशों से आए 1500 शिष्टमंडलों को सम्बोधित करते हुए पाटील ने कहा, "विश्व में प्रवासी भारतीयों की पहचान 'ज्ञान के प्रवासी' के रूप में है। आपकी कुशलता और विशेषज्ञता भारत की उन्नति और सामूहिक विकास के लिए महत्वपूर्ण निवेश साबित होगी।"
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि भारत में प्रवासी भारतीयों की गतिविधियों में तेजी से वृद्धि होगी। यह शुरुआत आगे और व्यापक होगी और आपकी भागीदारी लंबे समय तक चलने वाली परियोजनाओं में होगी जिससे बहुत सारे लोगों को फायदा होगा।"
राष्ट्रपति ने अगले लघु प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन टोरंटो में आयोजित करने की घोषणा की।
प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने खासकर प्रत्येक क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, अनुसंधान और व्यापार से जुड़े पेशेवरों और उद्यमियों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा, "मैं आप सभी से साझा हितों और व्यापार के क्षेत्रों का पता लगाने और भागीदार बनने का अनुरोध करता हूं। मैं खासकर अपने युवा प्रवासी भारतीयों का उत्साह के साथ भागीदारी बढ़ाने का आह्वान करता हूं।"
यह सम्मेलन मुख्य रूप से पूर्वोत्तर के आठ राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम पर केंद्रित था। सम्मेलन में इन राज्यों के कई मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि सर आनंद थे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए घोषणा की थी कि प्रवासी भारतीयों के लिए जल्द ही दो वीसा कार्डो की जगह एक कार्ड और मताधिकार की व्यवस्था की जाएगी।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश की संस्कृति और ज्ञान शक्ति को विश्वभर में फैलाने के लिए पांच अन्य देशों में सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री के अलावा सम्मेलन को केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, मिशिगन बिजनेस स्कूल के गौतम अहूजा और सैम पित्रोदा ने सम्बोधित किया था।
सर आनंद ने कहा कि पिछली कुछ शताब्दियों से भारत छोड़ कर हजारों मील दूर गए लोग अपनी जड़ों को भूले नहीं हैं। "आज भी उन्हें भारतीय धरोहर पर गर्व है।"
प्रवासी भारतीय सम्मान विजेताओं के नाम इस प्रकार हैं :
प्रोफेसर वीना हरभागवान सहाजवाला (आस्ट्रेलिया)
लता पाडा (कनाडा)
हरिंदरपाल सिंह बंगा (हांगकांग)
मोहम्मद मुनीर नजीर हसन अंसारी (इजरायल)
उपजीत सिंह सचदेवा (लाइबेरिया)
तन श्री दतो अजित सिंह (मलेशिया)
सालेह वाहित (नीदरलैंड्स)
मोहैद्दीन सैयद करीमुद्दीन (सऊदी अरब)
मनो सेल्वानाथन (श्रीलंका)
मोहन जाशनमल (संयुक्त अरब अमीरात)
बारोनेस संदीप वर्मा (ब्रिटेन)
अशोक कुमार रामसरन एवं राजीव सिंह (अमेरिका)
पुरस्कारों के लिए इन नामों का चयन उप राष्ट्रपति की अध्यक्षता में एक समिति ने किया, जबकि नामों की घोषणा औपचारिक अधिष्ठापन समारोह की अध्यक्षता कर रहीं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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