बंगाल हिंसा पर दो केंद्रीय मंत्रियों ने चिंता जताई
हत्या में शामिल हमलावर कथित तौर पर सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समर्थक होने की की बाबत उनकी टिप्पणी पूछे जाने पर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संवाददाताओं से सिर्फ इतना कहा कि कानून एवं व्यवस्था कायम रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, "कानून एवं व्यवस्था की विफलता के लिए आखिर कौन जिम्मदार है? इस पर मैं क्या कह सकता हूं।"
एक आधिकारिक कार्यक्रम में भाग लेने शहर में पहुंचे केंद्रीय विधि मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने कहा कि राज्य में हुई व्यापक हिंसा से देशभर में नाराजगी है। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में बिगड़ती कानून एवं व्यवस्था से देश का प्रत्येक नागरिक नाराज है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।"
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अवैध हथियारों को जब्त करने के लिए कदम उठाना चाहिए।
ज्ञात हो कि पश्चिमी मिदनापुर जिले के लालगढ़ से तीन किलोमीटर दूर नेताई गांव में शुक्रवार को हमलावरों ने सात लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी और 17 को घायल कर दिया था। कहा जा रहा है कि हत्या के बाद हमलावरों ने एक माकपा नेता के आवास में बने सशस्त्र शिविर में पनाह ली। माकपा ने हालांकि इस आरोप से इंकार किया है।
इस घटना के विरोध में राज्य में विपक्षी दल, बुद्धजीवी एवं नामचीन हस्तियां प्रदर्शन कर रहे हैं और मार्गो को अवरुद्ध कर रहे हैं।
राज्यपाल एम.के. नारायणन ने राज्य सरकार से हिंसा पर काबू पाने के लिए निर्णयात्मक कदम उठाने को कहा है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य को नई दिल्ली तलब किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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