पत्नी पर हमले के आरोपों से बचा भारतीय राजनयिक
समाचार पत्र 'डेली मेल' में रविवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक लंदन में तैनात तीसरे वरिष्ठ भारतीय राजनयिक अनिल वर्मा पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछताछ किए जाने के बाद अभियोग से उन्मुक्ति की मांग की। पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने सरकारी आवास पर अपनी पत्नी पर हमला किया।
वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने तीखी नोकझोंक के बाद अपनी पत्नी पर हमला किया। इसे लेकर पुलिस अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की लेकिन उनकी राजनयिक हैसियत के चलते वे वर्मा को गिरफ्तार नहीं कर सके।
कंजरवेटिव पार्टी के सांसद पैट्रिक मर्कर ने कहा, "हिंसक अपराध हिंसक अपराध है और ब्रिटेन के समाज में इसकी पहले से ही अधिकता है। मेरा मानना है कि विदेश कार्यालय को राजनयिक उन्मुक्ति कानून की अधिक सख्ती के साथ समीक्षा करनी चाहिए।"
विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने नई दिल्ली में कहा, "इस स्तर पर कोई और टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।"
स्कॉटलैंड यार्ड के एक प्रवक्ता ने बताया कि गत 11 दिसम्बर को सुबह 9.30 बजे यह घटना हुई। इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि वर्मा का मुख्य कामकाज भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार को बढ़ावा देना है। इस घटना के बाद न तो उन्होंने अपना पद छोड़ा है और न ही उन्हें दिल्ली बुलाया गया है।
भारतीय उच्चायोग के एक प्रवक्ता ने कहा, "इस मामले को हमारे ध्यान में लाया गया है। यह उम्मीद किया जाता है कि पति और पत्नी के बीच इस मसले को आपसी बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications