मप्र में फिर एक कर्जदार किसान ने दी जान
जानकारी के मुताबिक सीहोर जिले के ब्रजेशनगर के किसान शिव प्रसाद ने चना और गेहूं की फसल बोई थी, जो मौसम में आए बदलाव के चलते बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। परिजनों का कहना है कि शिव प्रसाद ने बैंक से कर्ज ले रखा था, जो लगभग पांच लाख रुपये से ज्यादा था। इसके अलावा फसल बर्बाद होने से भी वह परेशान था। यही वजह है कि उसने शनिवार की शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
इछावर के थाना प्रभारी एच.पी. सिंघई ने रविवार को आईएएनएस को बताया कि शिव प्रसाद ने आत्महत्या कर्ज के चलते नहीं की है। वह पिछले कुछ समय से मानसिक तौर पर बीमार था। उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि शिव प्रसाद ने दुकान के लिए 80 हजार रुपये का कर्ज ले रखा था।
गौरतलब है कि प्रदेश में एक माह के दौरान अब तक चार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इनमें से दो किसान मुख्यमंत्री चौहान के गृह जिले सीहोर एवं दो अन्य कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया के गृह जिले दमोह के रहने वाले थे।
इसके अलावा दमोह जिले के हिंडोरिया थाने के टिकरी पिपरिया गांव के किसान गुलाब सिंह लोधी ने पिछले दिनों अरहर की फसल बर्बाद होने पर कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी, जिसे समय पर उपचार की बदौलत बचा लिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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