'विकास को नुकसान पहुंचाएगा अनुत्पादक निवेश'
नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। रियल एस्टेट और स्वर्ण में बड़े पैमाने पर किया गया अनुत्पादक निवेश भारत के आर्थिक विकास को लंबे समय में नुकसान पहुंचाएगा, क्योंकि इनमें पूंजी की बड़ी मात्रा फंसी हुई है।
'युनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन बिजनेस स्कूल' के व्यापारिक कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय समूह के अध्यक्ष गौतम अहूजा ने कहा, "भारत में स्वर्ण और रियल एस्टेट दो लोकप्रिय निवेश हैं। पूंजी की एक बड़ी मात्रा स्वर्ण में लगी है। सामान्यत: इसे बैंकों में रखा जाता है जिसका उत्पादक इस्तेमाल नहीं होता।"
सी.के. प्रहलाद स्मारक भवन में प्रवासी भारतीय दिवस के नौवें सम्मेलन में गौतम ने कहा कि रियल एस्टेट के कारोबार में बड़ी मात्रा में पूंजी का निवेश फंसा है, क्योंकि लोग भय के चलते मकानों को किराए पर नहीं देते।
उन्होंने कहा, "रियल एस्टेट एक उत्पादक निवेश है, लेकिन हम पाते हैं कि लोग इसमें निवेश करने के बाद इसका इस्तेमाल नहीं करते। यह भारत जैसे देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है, जहां लाखों लोगों के पास रहने के लिए घर नहीं है।"
गौतम ने एक ऐसे कानून की जरूरत पर जोर दिया जो फंसी हुई पूंजी का उत्पादक इस्तेमाल सुनिश्चित कर सके। उन्होंने कहा कि भारत में 'जुगाड़' की अवधारणा भी भारत को लंबे समय में नुकसान पहुंचाएगी।
उन्होंने कहा, "जुगाड़ भारत का हितैषी नहीं है। जो चीज थोड़े समय के लिए प्रभावशाली है वह लंबे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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