प्रवासी भारतीयों की तलाश पैसों के लिए नहीं : अहलूवालिया
नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि भारत सरकार प्रवासी भारतीयों की तलाश उनके पैसे के लिए नहीं बल्कि उन्हें अपने देश से जोड़ने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों को अपने बच्चों को छुट्टियों में अपने मूल देश भेजना चाहिए ताकि वह इससे जुड़ सकें।
नौवें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के दौरान समेकित विकास विषय पर मुख्यमंत्रियों से विचार-विमर्श सत्र में एक व्यक्ति के सवाल के जवाब में अहलूवालिया ने कहा भारत सरकार प्रवासी भारतीयों की तलाश इसलिए नहीं कर रही है कि हमें उनके पैसों की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि एक अर्थशास्त्री के तौर पर वह सुझाव देंगे कि यदि किसी प्रवासी भारतीय को लगता है कि उन्हें अन्य किसी देश में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं तो यह जरूरी नहीं है कि वह भारत में ही पैसा लगाएं।
अहलूवालिया ने कहा, "लेकिन आप भारत में रुचि लें क्योंकि यहां होना बेहद रोमांचक है।"
उन्होंने कहा कि भारत में निवेश करने के बजाय प्रवासी भारतीय अपने बच्चों को यहां आने के लिए एक हॉलीडे पैकेज दें।
उन्होंने कहा, "उन्हें यह जानने का अवसर दें कि उनके मूल देश में क्या हो रहा है।"
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि आप तीर्थयात्रा के लिए भी भारत आते हैं तो यह छुट्टियों की तरह ही होगा।
विदेशों में जमा काले धन के सम्बंध में अहलूवालिया ने कहा कि अवैध धन की समस्या केवल भारत में नहीं है।
उन्होंने कहा, "यदि इस तरह के मामले की कोई स्पष्ट सूचना मिले तो वित्त मंत्रालय को इसे सुनने में खुशी होगी।"
प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने कहा कि भारत सरकार निवेश के लिए प्रवासी भारतीयों को एकत्रित नहीं करती बल्कि इसका उद्देश्य उन्हें भारत से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि भारत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में अनिवासी भारतीयों का हिस्सा 1.3 प्रतिशत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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