अमरीका के ख़िलाफ़ प्रतिरोध का आह्वान

मुक़्तदा अल सद्र ने एकता की भी अपील की
इराक़ी शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र ने 'अमरीकी क़ब्ज़े' के ख़िलाफ़ प्रतिरोध का आह्वान किया है, लेकिन हथियार उठाने पर चेतावनी भी दी है.
क़रीब चार साल ईरान में रहने के बाद इराक़ी शहर नजफ़ लौटे मुक़्तदा अल सद्र ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि इराक़ी अपना मतभेद भूलकर एक हो जाएँ.
नजफ़ मुक़्तदा अल सद्र का गढ़ माना जाता है. हज़ारों समर्थकों की मौजूदगी में उनका संबोधन संक्षिप्त था.
संबोधन के दौरान धार्मिक नारे लगे. साथ ही अमरीका और इसराइल के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी भी हुई.
बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर का कहना है कि मुक़्तदा अल सद्र का संबोधन भले ही छोटा रहा, लेकिन संदेश बिल्कुल स्पष्ट था- अमरीकी क़ब्ज़े का प्रतिरोध जारी रहेगा.
मुक़्तदा अल सद्र की महदी सेना की अमरीकी और इराक़ी सैनिकों के साथ कई बार भिड़ंत हो चुकी है.
वर्ष 2006 और 2007 के दौरान इराक़ में हुई जातीय हिंसा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इराक़ियों को पिछली बातें भूलकर कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहिए.
उस समय मुक़्तदा अल सद्र की महदी सेना पर अपहरण, प्रताड़ना और हज़ारों सुन्नियों की हत्या के आरोप लगे थे.


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