तेलंगाना समर्थकों ने मंत्रियों, सांसदों के आवासों को घेरा (लीड-1)
हैदराबाद स्थित उस्मानिया विश्वविद्यालय में छात्रों पर 'पुलिस दमन' के विरोध में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं तथा तेलंगाना ज्वाइंट एक्शन कमेटी (टीजेएसी) की अन्य इकाइयों ने तेलंगाना क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में सड़कोंको अवरुद्ध किया।
प्रदर्शकारी सड़कों पर बैठ गए और घंटों तक वाहनों को नहीं चलने दिया। विरोध प्रदर्शन खम्माम, वारांगल, मेडक, नालगोंडा, करीमनगर, निजामाबाद, महबूबनगर और आदिलाबाद जिलों में किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर से पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों को वापस बुलाने तथा पृथक तेलंगाना राज्य के लिए हो रहे प्रदर्शनों की खबर प्रसारित करने की मीडिया को छूट देने की मांग की।
उधर, उस्मानिया विश्वविद्यालय में छात्रों और पुलिस के बीच लगातार हो रहीं झड़पों के कारण तीसरे दिन शनिवार को भी तनाव जारी है। इस बीच परिसर में प्रवेश का प्रयास करते समय सांसद विजयाशांति को गिरफ्तार कर लिया गया।
'पुलिस दमन' के विरोध में जुलूस निकालने का प्रयास कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसूगैस का इस्तेमाल किया और हवा में गोलियां चलाईं। पुलिस का कहना है कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है।
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय परिसर में मीडिया के प्रवेश पर रोक जारी रहने के कारण अंदर हुईं घटनाओं के बारे में थोड़ी ही जानकारी उपलब्ध हो पाई।
इस बीच तेलांगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की सांसद विजयाशांति को पुलिस ने शनिवार की शाम विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करते समय गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मेडक की सांसद को उस समय मुख्यद्वार पर ही रोक दिया, जब वह अंदर जाने और छात्रों से बातचीत करने का प्रयास कर रही थीं।
टीआरएस नेता के. तारक रामाराव ने आरोप लगाया कि पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में मानवाधिकारों को उल्लंघन कर रही है। उन्होंेने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार आंदोलन को कुचलने की साजिश रची है।
उल्लेखनीय है कि पृथक तेलंगाना राज्य गठन सम्बंधी श्रीकृष्णा समिति की रिपोर्ट छह जनवरी को सार्वजनिक होने के बाद से उस्मानिया विश्वविद्यालय में तनाव व्याप्त है। तेलंगाना समर्थक छात्र संगठन इस रिपोर्ट का विरोध कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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