लालगढ़ जनसंहार : ममता ने की शवों के साथ जुलूस की अगुवाई
मिदनापुर में पेड़ों, दीवारों और लैंपपोस्टों पर काले झंडे लटकाए गए थे। जुलूस में शामिल लोग काले कपड़े से चेहरा ढके हुए थे और मृतकों के परिजन बिलख रहे थे।
कालेज के मैदान में हजारों लोग काला बिल्ला लगाए हुए जनसंहार में मारे गए ग्रामीणों को श्रद्धांजलि देने के लिए जुटे। शुक्रवार को इन ग्रामीणों की हत्या कथित तौर पर राज्य में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समर्थित हमलावरों तथा स्थानीय लोगों ने नेताई गांव में कर दी थी।
पश्चिम मिदनापुर जिले स्थित नक्सलियों के गढ़ लालगढ़ में झड़प के बाद किए गए जनसंहार में कम से कम सात लोग मारे गए और 17 लोग घायल हो गए थे। इस बीच आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने जनसंहार के बाद माकपा द्वारा लगाए गए सशस्त्र शिविरों में शरण ले ली।
रेल मंत्री बनर्जी शनिवार सुबह नेताई गांव पहुंचीं और मृतकों एवं घायलों के परिजनों से बातचीत की।
नेताई में भय के माहौल के बीच बनर्जी ने राज्य के मुख्य सचिव को फोन कर उनसे गांव में सुरक्षा बढ़ाने की अपील की, ताकि लोग भयमुक्त हों और आगे किसी हमले की आशंका न रहे।
इसके बाद बनर्जी जिला मुख्यालय पहुंचीं और मिदनापुर कालेज के मैदान में मृतकों को श्रद्धांजलि देने के बाद शवों को लेकर निकाले गए जुलूस का नेतृत्व किया। जुलूस शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए बाटला चौक पर जाकर थमा। बनर्जी हालांकि जुलूस में कुछ ही देर रहीं। वह एक जनसभा को संबोधित करने के लिए वहां से हावड़ा रवाना हो गईं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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