विकिलीक्स खुलासे में उजागर लोग नए स्थानों पर भेजे गए
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक विदेश विभाग के प्रवक्ता पी.जे. क्राउले ने यह नहीं बताया कि अमेरिकी मदद से कितने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है अथवा किन देशों में अमेरिका ने मदद की यह कार्रवाई की है।
ज्ञात हो कि विकिलीक्स ने गत नवंबर माह से हजारों की संख्या में अमेरिकी गोपनीय राजनयिक संदेशों का खुलासा किया है। इनमें मानवाधिकार कार्यकताओं, पत्रकारों और सरकारी अधिकारियों सहित ऐसे लोगों के नाम हैं जिन्होंने अमेरिकी राजनयिकों से बात की।
अमेरिकी को चिंता है कि विभिन्न देशों में मौजूद इन लोगों का वहां की दमनकारी सरकारें हानि पहुंचा सकती हैं।
क्राउले ने कहा, "गोपनीय संदेशों में उजागर व्यक्तियों के नाम हमारी प्राथमिकता में हैं और हम आकलन कर रहे हैं कि क्या विभिन्न देशों में खासकर दमनकारी समाजों में इन्हें किसी तरह का खतरा है।"
उन्होंने बताया कि विकिलीक्स द्वारा संदेशों के खुलासे के बाद से ही विदेश विभाग का एक दल इस बात की जांच में जुट गया है कि कौन से लोग सम्भावित खतरे में आ सकते हैं।
क्राउले ने बताया, "हमने स्पष्ट कर दिया है विकिलीक्स खुलासे में नाम आने के बाद जिन व्यक्तियों के खिलाफ वहां की सरकारें बदले की कार्रवाई करती हैं तो भविष्य में उन देशों के साथ अमेरिका का सम्बंध प्रभावित होगा।"
उल्लेखनीय है कि अवैध तरीके से प्राप्त गोपनीय संदेशों का खुलासा करने पर अमेरिकी सरकार ने विकिलीक्स की कड़ी आलोचना की है और वह वेबसाइट अथवा असांज के खिलाफ आपराधिक अभियोग शुरू करने की सोच रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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