कैंटीन घोटाला : पीएसी के समक्ष पेश होंगे थल व वायुसेना प्रमुख
नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। रक्षा विभाग द्वारा संचालित कैंटीनों में कथित अनियमितताओं का जवाब देने के लिए थल एवं वायुसेना के प्रमुख तथा नौसेना के उप प्रमुख बुधवार को संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष पेश होंगे। सरकार के अंकेक्षक ने पिछले वर्ष इस संदर्भ में रिपोर्ट सौंपी थी।
उच्च पदस्थ सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि रक्षा मंत्रालय ने थलसेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह एवं वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल पी.वी. नाइक को इस मुद्दे पर पीएसी के समक्ष पेश होने को कहा है।
घटनाक्रम के जानकार एक अधिकारी ने बताया कि नौसेना प्रमुख एडमिरल निर्मल वर्मा चूंकि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत इंडोनेशिया दौरे पर हैं, इसलिए उनका प्रतिनिधित्व उप प्रमुख वाइस एडमिरल डी.के. दीवान करेंगे।
अधिकारी ने कहा, "पीएसी को सूचित कर दिया गया है कि जनरल सिंह और एयर चीफ मार्शल नाइक पेश होंगे और नौसेना का प्रतिनिधित्व वाइस एडमिरल दीवान करेंगे, क्योंकि वर्मा का दौरा रद्द नहीं किया जा सकता।"
ज्ञात हो कि पीएसी ने पिछले बुधवार को तीनों सेना प्रमुखों को इकाई द्वारा संचालित कैंटीनों का लेखा विवरण नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को उपलब्ध कराने को कहा था।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि नौसेना, वायुसेना और थलसेना ने लेखा परीक्षक द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब मंत्रालय को नहीं भेजा। तब पीएसी ने सेना प्रमुखों को पत्र लिखकर उन्हें समिति के समक्ष पेश होने को कहा।
उल्लेखनीय है कि रक्षा इकाई द्वारा संचालित कैंटीनों की संख्या लगभग 3,600 है। सेना को कैंटीन चलाने के लिए आसान किस्तों पर ऋण दिया जाता है और इसका संचालन आधिकारिक सेना परिसरों में किया जाता है। कैग की रिपोर्ट में पाया गया है कि कैंटीनों को दी गईं रियायतों से वर्ष 2002 से 03 और 2008 से 09 के दौरान केंद्र सरकार को 441 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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