लालगढ़ में पीड़ितों से मिलीं ममता
इस नृशंस वारदात के कारण गांव में मातम छाया हुआ है। वहीं अस्पताल में घायलों के परिजन चिंतित नजर आए।
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ग्रामीणों का हाल जानने पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल से तीन किलोमीटर की दूरी पर इस मसले पर बैठक की।
घटना के कारण शनिवार को कोई भी ग्रामीण बाहर नहीं निकला। वहीं दिहाड़ी श्रमिक भी घरों में रहना ही उचित समझे।
सामान्य तौर पर ऐसा देखा जाता है कि ऐसी स्थिति में ग्रामीण घर छोड़कर चले जाते हैं और हालात सामान्य होने के बाद लौटते हैं लेकिन नेताई गांव के लोगों ने रुकना ही उचित समझा।
घटना स्थल पर मौजूद एक ग्रामीण ने कहा,"हम कहां जाएंगे। इससे क्या होगा।"
सात घायलों को शुक्रवार रात में प्रतिष्ठित अस्पताल एसएसकेएम में भर्ती कराया गया था जबकि कुछ का इलाज मिदनापुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है।
गांव में शनिवार सुबह भारी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंच गए और वारदात के बारे में ग्रामीणों से पूछताछ करते नजर आए।
उधर, तृणमूल कांग्रेस के नेता मृगेन मैती ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद से कई ग्रामीण लापता हैं।
चश्मदीदों के मुताबिक घटना उस वक्त हुई जब सैकड़ों ग्रामीणों ने लालगढ़ के समीप नेताई गांव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के स्थानीय नेता रणजीत दंडोपाध्याय के घर में पार्टी के हथियारबंद कार्यकर्ताओं के एक शिविर को घेर लिया। वे लोग मार्क्सवादियों द्वारा उनके लिए जारी की गई धमकियों का विरोध कर रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीणों को शिविर के सामने प्रदर्शन करने से रोकने के लिए माकपा कार्यकार्ताओं ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
गोपनीयता की शर्त पर एक ग्रामीण और तृणमूल कांग्रेस के समर्थक ने बताया, "इस गोलीबारी में कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं जिनमें आठ को गंभीर चोटें आईं हैं। बाद में एक महिला सहित सात लोगों की मौत हो गई।"
ग्रामीण ने आरोप लगाया कि माकपा ने हथियारबंद कार्यकर्ताओं को शरण देने के लिए यह शिविर लगाया है। माकपा कार्यकर्ता गांव वालों को उनके लिए भोजन पहुंचाने और बच्चों को शिविर में भेजने की धमकी देते हैं। रात के दौरान नक्सलियों से सुरक्षा और गश्त के लिए वे शिविर में बच्चों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देते हैं।
इधर, इस घटना के मद्देनजर गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को दिल्ली तलब किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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