कांग्रेस ने आम आदमी की पीठ पर छुरा घोंपा : गडकरी
पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले गुवाहाटी में शनिवार से आरंभ हुई पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी को सम्बोधित करते हुए गडकरी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा, "यह कितना हास्यास्पद है कि जब कांग्रेस अपनी स्थापना के 125 वर्ष का उत्सव मना रही थी तब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार वर्ष 2010 को घोटालों और भ्रष्टाचार का वर्ष मना रहा था। वास्तव में हर महीने एक नए घोटाले का पर्दाफाश हुआ।"
राष्ट्रमंडल, आदर्श सोसायटी हाउसिंग और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले सहित अन्य घोटालों को जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा, "ये घोटाले इतने बड़े हैं कि सरकारी एजेंसियां और विभाग चाहें भी तो उन्हें दबा नहीं सकते। ये इतने गंभीर हैं कि इन्हें विपक्ष का प्रोपेगंडा तक नहीं कहा जा सकता। इतने घोटालों का पता चलने के बाद भी संप्रग नेता बड़ी बेशर्मी से 'भ्रष्टाचार तनिक भी बर्दाश्त न करने' की दुहाई दे रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "तुलमोहन रामों और नागरवालों से लेकर वारेन एंडरसनों और ओत्तावियो क्वोत्रोच्चियों तक सभी अपराधी दंडित होने से सदैव बचते रहे। यह मात्र भ्रष्टाचार के प्रकरण नहीं हैं। ये इस बात के उदाहरण भी हैं कि किस प्रकार एक के बाद एक दूसरी कांग्रेस सरकार ने उन लोगों की पीठ में छुरा घोंपा है, जिन्होंने अपने हितों की रक्षा के उन्हें चुना था।"
गडकरी ने कहा, "यदि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने पर इतना भरोसा है कि वह अपराधी नहीं है तो वह जेपीसी के वैध मांग का विरोध करने के लिए इस प्रकार क्यों अड़े हुए हैं। इस प्रकार की हठधर्मिता आपातकाल पूर्व दिनों की याद दिलाती है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा इस रवैये की निंदा करती है और सरकार को चेतावनी देती है कि इस प्रकार के टकराव का रवैया सरकार को बहुत महंगा पड़ सकता है। यही हठधर्मिता संसद में गतिरोध का कारण है। इस गतिरोध के लिए विपक्ष जिम्मेदार नहीं है बल्कि स्पष्ट तौर पर सरकार ही जिम्मेदार है। इस मुद्दे पर समूचा विपक्ष एकजुट है और जितनी जल्दी सरकार हमारी मांग स्वीकार करती है उतना ही सभी के लिए अच्छा होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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