बिनायक ने सजा को उच्च न्यायालय में दी चुनौती
रायपुर। मानवाधिकार कार्यकर्ता बिनायक सेन ने राजद्रोह के आरोप में 24 दिसम्बर को एक स्थानीय अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा के खिलाफ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अपील दायर की है। सेन के वकील महेंद्र दुबे ने गुरुवार को संवाददताओं को बताया, "हमने जिला एवं सत्र न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें राजद्रोह सहित विभिन्न आरोपों पर सेन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।"
उन्होंने कहा कि पूरी उम्मीद है कि उच्च न्यायालय से उनको राहत मिलेगी।सेन ने अपनी अपील बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय में दायर की जो यहां से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर है।ज्ञात हो कि 60 वर्षीय सेन इस समय रायपुर के केंद्रीय कारागार में बंद हैं। जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश बी.पी. वर्मा ने सेन के साथ ही नक्सल विचारक नारायण सान्याल और कोलकाता के व्यवसायी पीयूष गुहा को राजद्रोह एवं आपराधिक षड्यंत्र रचने का दोषी करार दिया था। उल्लेखनीय है कि सेन पर राजद्रोह का आरोप लगाए जाने की दुनियाभर के बुद्धिजीवियों ने निंदा की है।












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