पुरी की पुलिस हिरासत बढ़ी, सेबी ने कसा शिकंजा (राउंडअप)
पुरी के वकील सरताज बसवाना ने कहा, "पुरी को अदालत में पेश किया गया था और उसे अगले छह दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने एक आईपैड की महत्वपूर्ण सूचनाओं के बारे में पता लगाने के लिए पुरी को हिरासत में लिया। साथ ही हिरासत के दौरान शेयर बाजार की खरीद-फरोख्त की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञ भी पुरी से पूछताछ करेंगे।
सेबी के एक दल ने नियामक मानकों के उल्लंघन का पता लगाने के लिए बैंक के प्रमुख अधिकारियों से पूछताछ की। सेबी के पूछताछ के दायरे में कुछ ब्रोकरेज कम्पनियां भी हैं, जिनका इस्तेमाल पुरी ने शेयर बाजार में किया।
सेबी के अधिकारियों के मुताबिक नियामक यह जांच करेगा कि क्या ब्रोकरेज कम्पनियों ने पुरी की आय का प्रमाण देने वाले दस्तावेजों को अपने पास रखा था। पूंजी बाजार में व्यापार करने के लिए ऐसा करना अनिवार्य है।
सिटी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में काम करते हुए शिवराज पुरी ने कारोबारी कम्पनियों और लोगों द्वारा अपने खातों में लगभग 300 करोड़ रुपये का निवेश करवाया। उसने निवेशकों से कहा कि वह पैसे का अधिक मुनाफा देने वाली योजनाओं में निवेश करेगा।
पुरी ने अपनी झूठी योजनाओं की विश्वसनीयता साबित करने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के जाली दस्तावेज भी बनवा लिए थे।
पुरी ने 30 दिसम्बर को आत्मसमर्पण किया था और उसी दिन एक विशेष अदालत ने उसे सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
पुरी को अब 12 जनवरी को अदालत में पेश किया जाएगा।
व्यवसायी समूह हीरो ग्रुप ने पाया कि उसके हीरो कार्पोरेट सर्विसेज के मुख्य वित्तीय अधिकारी संजय गुप्ता सहित तीन कर्मचारी जालसाजी में पुरी के साथ शामिल हैं।
जालसाजी के अन्य शिकार हेलीयन वेंचर्स के प्रबंध निदेशक संजय अग्रवाल ने दावा किया कि उनका 33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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