आरुषि हत्याकांड : तलवार को मिलेगी अंतिम रिपोर्ट (लीड-2)
सीबीआई की विशेष दंडाधिकारी प्रीती सिंह ने तलवार दंपति को अंतिम रिपोर्ट की एक प्रति देने के आदेश को पारित करते हुए टिप्पणी की, "किसी को आरोपी नहीं ठहराया जा सकता।"
अपने आदेश में दंडाधिकारी ने कहा कि यह पाया गया है कि सीबीआई ने आरुषि की हत्या का शक उसके पिता राजेश तलवार पर जताया है, लेकिन उसने तलवार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिला नहीं किया है। अंतिम रिपोर्ट के साथ केस डायरी भी नहीं लगाई गई है।
उन्होंने टिप्पणी दी, "ऐसी परिस्थितियों में इस मामले में किसी को भी आरोपी ठहराया नहीं जा सकता। इस मामले में राजेश तलवार प्रथम सूचक हैं, उन्हें अंतिम रिपोर्ट की एक प्रति देना न्यायसंगत है। इसलिए, सीबीआई को उन्हें अंतिम रिपोर्ट की एक प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाता है।"
शुक्रवार को मामले की सुनवाई शुरू होने पर तलवार के वकील सतीश टमटा ने न्यायालय से आरुषि हत्या मामले से सम्बंधित सभी दस्तावेज उन्हें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि चूंकि न्यायालय गत तीन जनवरी को तलवार को नोटिस जारी कर चुकी है, इसलिए उन्हें अंतिम रिपोर्ट की एक प्रति दी जानी चाहिए ताकि वह इस मामले पर अपना पक्ष रख सकें।
टमटा की दलील का विरोध करते हुए सीबीआई के वकील आर. के. सैनी ने न्यायालय से कहा कि तलवार अब शिकायतकर्ता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा पुलिस पहले ही उन्हें संदिग्ध के रूप में गिरफ्तार कर चुकी है। वह इस मामले में आरोपी हैं इसलिए उन्हें न्यायालय के समक्ष अपना तर्क रखने का कोई अधिकार नहीं है।
दंडाधिकारी हालांकि सीबीआई की इस दलील से सहमत नहीं हुईं। दंडाधिकारी प्रीती सिंह ने अंतिम रिपोर्ट सहित मामले से जुड़े सभी दस्तावेज तलवार दंपति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया और सुनवाई 21 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी।
नोएडा के जलवायु विहार अपार्टमेंट में 16 मई 2008 को 14 वर्षीय आरुषि की रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा घर के नौकर हेमराज का शव अगले दिन छत पर मिला था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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