मेघालय का दंगाग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त गश्त का प्रस्ताव (लीड-1)
शिलांग, 7 जनवरी (आईएएनएस)। मेघालय सरकार ने शुक्रवार को असम सरकार के समक्ष दंगाग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त गश्त का प्रस्ताव का रखा। गारो और राभा जनजातियों के बीच जातीय विद्वेष के कारण मेघालय के कई इलाकों में दंगा भड़क उठा है।
नववर्ष के दिन से शुरू हुई हिंसक झड़पों में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 30, 000 लोग बेघर हो गए हैं।
असम की सीमा से लगते मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स जिले के रेसूबेलपारा उपमंडल में शुक्रवार को कर्फ्यू में दो बजे दिन से तीन घंटे की ढील दी गई।
राज्य के मुख्य सचिव डब्ल्यू.एम.एस. पैरिएट ने आईएएनएस से कहा, "मैंने असम में अपने समकक्ष से बात की है और उन्हें दोनों दंगाग्रस्त इलाकों में संयुक्त पुलिस गश्त का प्रस्ताव दिया है।"
पैरिएट ने कहा, "यदि असम सरकार हमारा प्रस्ताव स्वीकार कर लेती है तो दोनों राज्यों (असम और मेघालय) की पुलिस संयुत गश्त के तौर-तरीके तय करेगी।"
उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में स्थिति नियंत्रण में है और 24 घंटे के दौरान किसी ताजा हिंसक घटना की सूचना नहीं है।
गौरतलब है कि यहां तीन और शव मिलने और एक घायल व्यक्ति की मौत के बाद गारो व राभा जनजातीय समुदायों के बीच हुए जातीय संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
पूर्वी गारो पर्वतीय जिले के उपायुक्त प्रवीण बक्शी ने बताया कि कर्फ्यू में ढील के दौरान इलाके में कानून-व्यवस्था की निगरानी की गई है। इसके आधार पर आगे कर्फ्यू में और ढील देने पर विचार किया जाएगा।
नववर्ष के दिन दोनों जनजातीय समुदायों के बीच संघर्ष के बाद सोमवार की रात से ही रेसूबेलपारा के मेंदीपाथर और उसके निकटवर्ती इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था। गुरुवार से पूरे रेसूबेलपारा क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया।
राज्य के गृहमंत्री एच.डी.आर. लिंगदोह रेसूबेलपारा में डेरा डाले हुए हैं और स्थिति को नियंत्रित कर शांति बहाल करने के लिए सामुदायिक नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं।
इलाके में लोग आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी का सामना कर रहे हैं।
परिवहन मंत्री ए.टी. मंडल ने बताया, "गारो पवर्तीय क्षेत्र में यदि यही स्थिति बनी रही तो पेट्रोल और डीजल सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं भी हवाई मार्ग से पहुंचाई जाएंगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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