पूर्वोत्तर के लोगों को विदेश जाना चाहिए'
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शुक्रवार को पूर्वोत्तर के लिए एक प्रवासी रोल मॉडर विषय पर एक चर्चा आयोजित की गई।
नौवां प्रवासी सम्मेलन पूर्वोत्तर राज्यों पर केंद्रित है।
सम्मेलन के एक भागीदार प्रलब बरुआ ने कहा कि केरल या गुजरात से विदेश जाने वाला जब वापस आएगा तो वापस अपने ही राज्य में निवेश करेगा, पूर्वोत्तर में नहीं करेगा। इसलिए हमें पूर्वोत्तर के लोगों को वापस पूर्वोत्तर में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। बरुआ एक बैंक उद्यमी हैं, जो 20 साल पहले अवसरों की खोज में विदेश गए थे। वे अब वापस लौट आए हैं।
प्रवासी मामलों के मंत्रालय के सचिव ए. दिदार ने कहा कि 2009 में प्रवासियों ने देश में 15 अरब डॉलर भेजे।
दिदार ने कहा कि केरल के लोगों ने जो पैसा वापस भेजा वह केरल के बजट का 14 फीसदी है। पंजाब में यह राशि राज्य के बजट का आठ फीसदी है। पूर्वोत्तर के लिए यह राशि शून्य है या नगण्य है।
एक प्रतिभागी ने कहा कि अमेरिका में बड़ी संख्या में अवकाश लेने वाले लोग नर्सिग होम में रहते हैं। इसे देखते हुए वहां नर्सो की बहुत अधिक मांग है।
एक अन्य प्रतिभागी असम मूल के वालिद सलेह ने प्रतिभा पलायन पर कहा कि यदि प्रतिभा को विदेश जाने का मौका न मिले और देश में पूरा अवसर न मिले, तो प्रतिभा ह्रास होता है। इसी तरह यदि वह विदेश जाकर धन और ज्ञान वापस लाता है, तो उसे प्रतिभा संचार कह सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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