पोलावरम परियोजना को मंजूरी, उड़ीसा ने जताई आपत्ति
उड़ीसा के जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह आश्यर्चजनक है। मामला जब विवादित है और सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, तो परियोजना को मंजूरी कैसे दी जा सकती है?
परिषद की प्रौद्योगिकी सलाहकार समिति ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक बैठक की थी और परियोजना लागत को 10,800 करोड़ रुपये बढ़ाकर 18,000 करोड़ रुपये करने के बाद परियोजना को मंजूरी दे दी थी।
अधिकारी ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार से शिकायत करने के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय का ध्यान भी इस ओर खींचा जाएगा।
पोलावरम परियोजना आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी पर बनाई जाएगी। उड़ीसा और छत्तीसगढ़ ने इस परियोजना पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि परियोजना से दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों का कुछ हिस्सा डूब जाएगा और कई लोगों को विस्थापन का शिकार होना पड़ेगा।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई में दोनों राज्यों की आपत्ति के बावजूद परियोजना के लिए 3,731.07 हेक्टेयर वन भूमि को स्थानांतरित करने के लिए मंजूरी दे दी थी।
केंद्र सरकार का कहना है कि मंत्रालय ने मंजूरी इस शर्त पर दी थी कि दोनों राज्यों का कोई हिस्सा डूब क्षेत्र में नहीं आएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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