लालगढ़ के समीप गोलीबारी, 5 मरे (लीड-1)
जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकेश जैन ने कहा, "शुक्रवार को शरारती तत्वों की गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई है। उस इलाके में छापेमारी की जा रही है। इस सिलसिले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।"
जैन ने कहा, "हमें इस घटना के सिलसिले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शरारती तत्वों के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद हम आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।"
उधर, ग्रामीणों ने दावा किया है कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समर्थकों ने ग्रामीणों पर गोलीबारी की है। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई। हालांकि माकपा ने इन आरोपों को खारिज किया है और इसके लिए तृणमूल कांग्रेस को दोषी ठहराया।
ग्रामीणों के मुताबिक यह घटना उस समय हुई जब सैकड़ों ग्रामीणों ने लालगढ़ के समीप नेतई गांव में स्थानीय माकपा नेता रणजीत दंडोपाध्याय के घर में पार्टी के हथियारबंद कार्यकर्ताओं के एक शिविर को घेर लिया। वे लोग मार्क्सवादियों द्वारा उनके लिए जारी की गई धमकियों का विरोध कर रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीणों को शिविर के सामने प्रदर्शन करने से रोकने के लिए माकपा कार्यकार्ताओं ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
एक ग्रामीण और तृणमूल कांग्रेस के समर्थक ने बताया, "इस गोलीबारी में कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं जिनमें आठ को गंभीर चोटें आईं हैं। बाद में एक महिला सहित पांच लोगों की मौत हो गई।"
ग्रामीण ने आरोप लगाया कि माकपा ने हथियारबंद कार्यकर्ताओं को शरण देने के लिए यह शिविर लगाया है । माकपा कार्यकर्ता गांव वालों को उनके लिए भोजन पहुंचाने और बच्चों को शिविर में भेजने की धमकी देते हैं। रात के दौरान नक्सलियों से सुरक्षा और गश्त के लिए वे शिविर में बच्चों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देते हैं।
जैन ने बताया, "हमारे कर्मचारी बचाव कार्य में लगे हुए हैं। 15 घायलों को मिदनापुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। साथ ही शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।"
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक मरने वाली एक महिला की पहचान फूल कुमारी मैती के रूप में की गई है और अस्पताल ले जाते वक्त सौरभ घोरुई की मौत हो गई। वहीं अन्य तीन शंभूनाथ घोरुई, धीरेन सेन और काबुल पार्थो की मौके पर ही मौत हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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