अमेरिकी राजनयिक पर व्यवस्था के खिलाफ जाने का आरोप (लीड-1)
हनोई स्थित अमेरिकी दूतावास में नियुक्त क्रिस्टियन मर्चेट ने बुधवार को ह्वे शहर में रहने वाले विवादित कैथोलिक पादरी थाडियस नुयेन वान ले से मिलने का प्रयास किया। वह इसमें सफल नहीं हो सके क्योंकि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें नुयेन के घर के बाहर ही रोक लिया।
वियतनाम के समाचार पत्र 'थान नेन' ने शुक्रवार के संस्करण में लिखा है कि सुरक्षाकर्मियों ने जब मर्चेट को नुयेन के घर में घुसने से रोका, तब उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया। मर्चेट का कहना था कि वह राजनयिक हैं और इस लिहाज से उन्हें बिना किसी अनुमति के कहीं भी जाने का अधिकार है।
पत्र ने लिखा है कि सुरक्षकर्मियों द्वारा नुयेन के घर के अंदर जाने से रोकने के प्रयास के दौरान मर्चेंट ने एक सुरक्षकर्मी को घूंसा मारकर जमीन पर गिरा दिया और फिर एक स्थानीय व्यक्ति को भी थप्पड़ मारा। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें जबरन उठाकर उनकी कार में डाल दिया।
इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय से सम्बद्ध प्रांत की सुरक्षा शाखा द्वारा पूछताछ के लिए मर्चेट को विचार-विमर्श के लिए बुलाया लेकिन वहां भी उनका रवैया सहयोगात्मक नहीं था।
सरकार ने नुयेन से मिलने की किसी को अनुमति नहीं दी है क्योंकि उसके मुताबिक वह एक कैदी हैं। नुयेन को सरकारी विरोधी अभियान चलाने के कारण 2007 में आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। पिछवे वर्ष मार्च में उन्हें इलाज के लिए जेल से रिहा कर दिया गया था लेकिन फिलहाल उन्हें नजरबंद रखा गया है।
इस घटना को लेकर वियतनाम सरकार ने जहां मर्चेट के खिलाफ मामला दर्ज करने का फैसला कर लिया है वहीं अमेरिका ने भी इसे लेकर अपना विरोध जताया है। अमेरिका का आरोप है कि मर्चेंट पर उस समय हमला किया गया, जब वह नियमित सरकारी काम पर थे।
अमेरिकी राजदूत माइकल डब्ल्यू मिशेलाक ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अमेरिकी सरकार ने राजनयिक के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर वियतनाम सरकार से आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है।"
वियतनाम के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "विदेशी राजनयिक एजेंसियों और राजनयिकों के सामने विएना समझौते और देश के नियमों को पालन करने की जिम्मेदारी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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