अंत्योदय मेले से हितग्राहियों के पास पहुंचेगी मप्र सरकार (लीड-1)
भोपाल, 7 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार हितग्राहियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने के लिए अंत्योदय मेलों के जरिए एक नया अभियान शुरू करने जा रही है। वैसे तो लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए खुद ही सरकार के द्वार जाना पड़ता है लेकिन अंत्योदय मेले में मंत्री और तमाम जिम्मेदार अफसर विभागीय मंडपों (स्टॉल्स) से हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ देते नजर आएंगे।
आधिकारिक तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में हितग्राहियों के लिए एक सैंकड़ा से अधिक योजनाएं अमल में है, मगर इन योजनाओं का लाभ हासिल करने के लिए हितग्राहियों को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। सभी हितग्राहियों को एक ही स्थान पर तमाम येाजनाओं का लाभ हासिल हो सके इस मकसद से अंत्योदय मेले लगाने की योजना को अमली जामा पहनाया गया है।
अंत्योदय मेला आयोजन की शुरुआत 13 जनवरी से रीवा से हो रही है। इस योजना के तहत 31 मार्च तक प्रदेश के सभी संभागों के एक-एक जिले में अंत्योदय मेले लगाए जाएंगे।
रीवा मे लगने वाले पहले अंत्योदय मेले में तमाम विभागों के मंडप लगाए जाएंगे, जिनके जरिए योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इन मंडपों पर संबंधित विभाग के मंत्री के अलावा प्रमुख सचिव से लेकर अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस तरह उस दिन पूरी सरकार ही भोपाल से बाहर रीवा में रहेगी।
प्रदेश में संभवत: यह पहला अवसर होगा जब हितग्राहियों की खातिर सरकार भोपाल से बाहर रहेगी। इस मेले के लिए अब तक 70 हजार से ज्यादा लोगों के आवेदन आ चुके हैं।
सरकार के प्रवक्ता और संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आईएएनएस से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गरीबों के दर्द को कम करना चाहते हैं, इसलिए हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ देने के लिए ये मेले लगाए जा रहे हैं। इस तरह एक ही स्थान पर सभी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। यह सरकार को गरीबों के द्वार तक ले जाने की कोशिश है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन मेलों को लेकर तमाम मंत्रियों से भी विचार विमर्श कर चुके हैं और उन्होंने सभी को हिदायत दी है कि वे जनता की समस्याओं के निराकरण में सख्त रवैया अपनाएं। अंत्योदय मेले की शुरुआत से पहले चौहान ने विभाग वार समीक्षा भी की है।
वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता अरविंद मालवीय सरकार की इस पहल को महज शिगूफेवाजी से ज्यादा कुछ नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि सरकार का मकसद सिर्फ चर्चाओं मे बने रहना है और उसके लिए वह इस तरह की योजनाओं का एलान करती रहती है, जबकि हकीकत में लोग बिजली, पानी , सड़क जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की समस्याओं से जूझ रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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