अफगानिस्तान में भारतीय दूतावासों को खतरा : कृष्णा
कृष्णा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास और चार वाणिज्य दूतावासों को लगातार खतरा बना हुआ है। हम अपने दूतावास और वाणिज्य दूतावासों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए अफगान सरकार के साथ काम कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति करजई ने हमें सुरक्षा का पूर्ण आश्वासन दिया है।"
काबुल में भारतीय दूतावास के अलावा, भारत के जलालाबाद, कंधार, मजारे-ए-शरीफ और हेरात में वाणिज्य दूतावास हैं।
गौरतलब है कि जुलाई 2008 में पाकिस्तान के संदिग्ध आतंकी संगठनों द्वारा भारतीय दूतावास को निशाना बनाकर किए गए हमले में दो राजनयिक मारे गए थे।
अफगान नेतृत्व के साथ होने वाली कृष्णा की बातचीत के दौरान अफगानिस्ताान में भारतीय परिसंपत्तियों और पुनर्निर्माण परियोजनाओं में लगे तकरीबन 4,000 भारतीयों की सुरक्षा का मामला प्रमुखता से उठेगा।
विदेश मंत्री अफगानिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को रवाना होंगे। नए साल में कृष्णा की यह पहली विदेश यात्रा है।
भारत को अफगानिस्तान छोड़ने के लिए बाध्य करने के वास्ते किए गए जा रहे कथित पाकिस्तानी प्रयासों के बीच कृष्णा के इस दौरे से इस युद्धग्रस्त देश के पुनर्निर्माण में भारत के शामिल रहने के संकल्प को बल मिलेगा।
कृष्णा तालिबान को दोबारा साथ जोड़ने के बारे में भारत की आशंकाएं भी दोहरा सकते हैं।
भारत ने अफगानिस्तान में पुर्निर्माण कार्यो मसलन सड़क, रेलवे से लेकर बिजली केंद्र और बुनियादी परियोजनाओं के लिए 1.3 अरब डॉलर की राशि लगाने की प्रतिबद्धता जाहिर की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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