दूसरा परमाणु ऊर्जा रिएक्टर पुर्नससाधन संयंत्र राष्ट्र को समर्पित
मुम्बई से करीब 100 किलोमीटर दूर तारापुर में आयोजित इस समारोह में मनमोहन सिंह ने कहा, "इस संयंत्र के शुरू होने के ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित होने की मुझे बेहद खुशी है।"
भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले लोगों के योगदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरेनियम के पुनर्चक्रण और अधिकतम उपयोग से भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा, "त्राम्बे में 1964 में पहला ईंधन पुर्नससाधन संयंत्र शुरू होने के बाद से हमने काफी लंबी दूरी तय की है।"
भारत के त्रिस्तरीय स्वदेशी परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए इस संयंत्र को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में प्रवेश के लिए यह संयंत्र काफी महत्वपूर्ण था और भारत आप इस चरण में प्रवेश कर चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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