अंत्योदय मेलों के जरिये नया अभियान चलाएगी मध्यप्रदेश सरकार!
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक प्रदेश में हितग्राहियों के लिए सौ से अधिक योजनाएं अमल में हैं लेकिन इन योजनाओं का लाभ हासिल करने के लिए हितग्राहियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बात से सरकार भी वाकिफ है लिहाजा सरकार ने अंत्योदय मेले लगाने की योजना को अमली जामा पहनाया गया है।
सरकार के प्रवक्ता और संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आईएएनएस से कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गरीब के दर्द को कम करना चाहते हैं इसलिए उन्हें योजनाओं का लाभ देने के लिए यह मेले लगाए जा रहे है। यह कोशिश सरकार को गरीब के द्वार तक ले जाने की है।
अंत्योदय मेला अभियान की शुरुआत 13 जनवरी से रीवा से होगी। इस योजना के तहत 31 मार्च तक प्रदेश के सभी संभागों के एक-एक जिले में अंत्योदय मेले लगाए जाएंगे। रीवा में लगने वाले पहले अंत्योदय मेले में तमाम विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे जिनके जरिए योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और इन स्टॉलों पर संबंधित विभाग के मंत्री के अलावा विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस तरह उस दिन पूरी सरकार ही भोपाल से बाहर रहेगी।
प्रदेश में संभवत: यह पहला अवसर होगा जब हितग्राहियों की खातिर सरकार भोपाल से बाहर रहेगी। इस मेले के लिए अब तक 70 हजार से ज्यादा लोगों के आवेदन आ चुके हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन मेलों को लेकर तमाम मंत्रियों से भी विचार विमर्श कर चुके हैं और उन्होंने सभी को हिदायत दी है कि वे जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए सख्त रवैया अपनाएं।
वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता अरविंद मालवीय सरकार की इस पहल को महज शिगूफेवाजी से ज्यादा कुछ नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि सरकार का मकसद सिर्फ चर्चाओं मे बने रहना है और उसके लिए वह इस तरह के अभियानों का ऐलान करती रहती है जबकि हकीकत में लोग बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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