सिटी बैंक जालसाजी में लपेटे में आ रहे हैं नए लोग (लीड-1)
बैंक के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के एक दिन बाद हेलियन वेंचर के प्रबंध निदेशक संजय अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि शीर्ष अधिकारियों की जानकारी के बिना यह जालसाजी नहीं हो सकती है।
इस जालसाजी में 33 करोड़ रुपये गंवाने का दावा करने वाले अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा कि एक व्यक्ति यह नहीं कर सकता है। यह बैंक की पूरी व्यवस्था का दोष है। आप सिर्फ एक व्यक्ति को जवाबदेह नहीं ठहरा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सिटी बैंक में ग्राहकों से रिक्त दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लेने की आम प्रथा है।
अग्रवाल ने कहा कि सिटी बैंक में रिक्त दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लेने का रिवाज है, जिससे उन्हें शेयरों को खरीदने और बेचने की अनुमति मिल जाती है। इसका उपयोग बैंक कर्मियों ने पैसे को हमारे खाते में डालने के बदले अपने खाते में डालने में किया।
अग्रवाल बीपीओ कम्पनी दक्ष के सह संस्थापक हैं, जिसका बाद में आईबीएम ने अधिग्रहण कर लिया। उन्होंने कहा कि वह 2004 से सिटी बैंक की संपत्ति प्रबंधन योजनाओं में निवेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जालसाजी पिछले एक साल में हुई है।
उन्होंने कहा कि बैंक ने उन्हें दिसम्बर के पहले सप्ताह में जालसाजी की सूचना दी।
उन्होंने कहा कि वे सिर्फ यह चाहते हैं कि सिटी बैंक इस जालसाजी की जवाबदेही ले और उनके नुकसान की भरपाई करे।
अग्रवाल ने मंगलवार को गुड़गांव के डीएलएफ-2 पुलिस थाने में सिटी बैंक और 11 अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रम पंडित, अध्यक्ष विलियम रोड्स, मुख्य वित्तीय अधिकारी जॉन गोर्सपेक और मुख्य संचालन अधिकारी डगलस पीटरसन सहित रिलेशनशिप मैनेजर शिवराज पुरी को भी नामजद किया।
उधर, इस मामले में मिलीभगत के लिए आरोपित अपने एक अधिकारी संजय गुप्ता को निलम्बित करने के बाद हीरो समूह ने बुधवार को कहा कि उसने दो अन्य अधिकारियों की पहचान की है, जिन पर इस जालसाजी में शामिल होने का संदेह है।
एक बयान में हीरो समूह ने कहा कि प्रारम्भिक जांच में एकाउंट विभाग के दो कर्मचारियों गनपत सिंह और गौरव जैन पर संजय गुप्ता और सिटी बैंक के अधिकारियों से नजदीकी सम्बंध होने का संदेह है।
बयान में कहा गया कि उन्हें तत्काल प्रभाव से छुट्टी दे दी गई है। जांच पूरी होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हीरो कॉरपोरेट सर्विसेज लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी संजय गुप्ता को सोमवार को सिटी बैंक जालसाजी में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद एक अदालत ने उसे पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने सोमवार को बताया था कि गुप्ता पर आरोप है कि उसने हीरो कॉरपोरेट सर्विसेज लिमिटेड द्वारा सिटी बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर शिवराज पुरी की योजना में 250 करोड़ का निवेश करवाया। इसमें उसे 20 करोड़ रुपये का कमीशन दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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