खत्म हुआ गुर्जरों का आरक्षण आंदोलन (लीड-2)
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता रूप सिंह ने कहा, "हमने आंदोलन खत्म कर दिया है। राज्य सरकार के साथ हम एक सहमति पर पहुंच गए हैं।"
उल्लेखनीय है कि सरकारी नौकरियों में पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समुदाय के लोग 20 दिसम्बर से ही आंदोलन कर रहे थे।
गुर्जरों के 36 सदस्यीय टीम ने बुधवार को राजस्थान सरकार के साथ वार्ता की। इसी वार्ता में आंदोलन खत्म करने की बात पर सहमति बनी। वार्ता में और किन-किन बातों पर सहमति बनी है, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। बताया गया है कि सरकार ने गुर्जर समुदाय की अधिकांश मांगों को मान लिया है। पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
गुर्जरों ने तीन सदस्यों वाली मंत्रिमंडलीय समिति के साथ वार्ता सेना के सेवानिवृत्त कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में की। इसके साथ ही आरक्षण के मुद्दे पर चल रहा विवाद फिलहाल खत्म हो गया।
आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जरों का रेल रोको आंदोलन बुधवार को 17वें दिन खत्म हुआ। इस दौरान राज्य में रेल सेवाएं बाधित हुईं।
भरतपुर जिले में बयाना के निकट गुर्जर समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रेल पटरियों बैठे रहे, जिस कारण रेल गाड़ियां नहीं चल पाईं।
इससे पहले मंगलवार को बैंसला और राजस्थान सरकार के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही थी।
राजस्थान सरकार ने 2009 में गुर्जरों को पांच फीसदी और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को 14 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की थी। इस कारण कुल आरक्षण 68 फीसदी हो गया जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय 50 फीसदी की सीमा से अधिक था।
इस मुद्दे पर 22 दिसम्बर, 2010 को फैसला देते हुए उच्च न्यायालय ने गुर्जरों को आरक्षण देने को अनुचित ठहराया था।
उल्लेखनीय है कि गुर्जर 2006 और 2008 के बीच भी हिंसक प्रदर्शन कर चुके हैं, जिसमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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