प्याज के बढ़ सकते हैं भाव, पाकिस्तान ने रेल-सड़क से निर्यात रोका (लीड-1)
अधिकारी ने बताया कि समुद्र मार्ग से प्याज के निर्यात का विकल्प खुला है, लेकिन इससे समुचित आपूर्ति की संभावना कम है।
भारत में अटारी-वाघा सीमा से 21 दिसंबर के बाद से रोजाना प्याज से लदे लगभग 50 ट्रक आए हैं और हर ट्रक में 10 से 12 टन प्याज होते थे।
पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय से मिली सूचना के अनुसार अब रेल और सड़क मार्ग से पाकिस्तान से प्याज का आयात नहीं हो सकेगा।
अमृतसर आयात एवं निर्यात चैंबर के उपाध्यक्ष राजीव उप्पल ने आईएएनएस से कहा, "हमें कल (बुधवार) यह खबर मिली कि पाकिस्तान ने सड़क मार्ग के जरिए प्याज के निर्यात पर रोक लगाई है, लेकिन आज यह स्पष्ट हो गया कि वे रेल मार्ग से भी प्याज नहीं भेजेंगे। अब प्याज अमृतसर नहीं बल्कि मुम्बई जाएगा।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में प्याज की कमी होने के कारण यह फैसला लिया गया है।
बुधवार को जहां अटारी-वाघा सीमा से 78 ट्रक प्याज आया था, वहीं गुरुवार को एक भी ट्रक नहीं आया। सीमा पर कई ट्रक रुके हुए हैं, लेकिन उसे वापस बुला लिया गया है।
अटारी सीमा पर उप आयुक्त (सीमा शुल्क) ने भी इस सीमा के जरिए प्याज के निर्यात पर रोक लगाए जाने के फैसले की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा, "हां, हमें इस संबंध में जानकारी मिली है लेकिन उन्होंने (पाकिस्तान) यह कदम क्यों उठाया है इसका कारण नहीं बताया है।"
भारत पहुंच रहा ज्यादातर प्याज पाकिस्तान के सिंध प्रांत का है। व्यापारियों का हालांकि कहना है कि इस प्याज की गुणवत्ता भारतीय प्याज जैसी नहीं है।
आयातक मनिंदर सिंह ने कहा, "हम पाकिस्तान के अचानक लिए गए इस निर्णय से आश्चर्यचकित हैं। कल (बुधवार) प्याज से लदे 270 से ज्यादा ट्रक भारत पहुंचने के लिए सीमा पर इंतजार कर रहे थे। लेकिन उनमें से ज्यादातर को वापस बुला लिया गया और केवल 78 ट्रक को भारत पहुंचने दिया गया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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