बोफोर्स मामला : न्यायालय ने सीबीआई की दलील को सही ठहराया (लीड-2)
मुख्य महानगर दंडाधिकारी (सीएमएम) विनोद यादव ने उस आवेदन को खारिज कर दिया जिसमें सीबीआई और केंद्र सरकार से यह पूछा गया था कि क्या क्वात्रोच्चि के खिलाफ आपराधिक मामले को बंद करने की मांग के सम्बंध में उनके रुख में कोई बदलाव तो नहीं आया है।
न्यायालय का यह आदेश आयकर न्यायाधिकरण की उस रिपोर्ट के तीन दिन बाद आया है जिसमें कहा गया था कि क्वात्रोच्चि और उसके भारतीय सहयोगी विन चड़्ढ़ा को वर्ष 1986 के बोफोर्स तोप सौदे में 41.2 करोड़ रुपये की दलाली दी गई थी।
न्यायालयन ने वकील अजय अग्रवाल की याचिका को खारिज कर दिया। अग्रवाल ने याचिका में क्वोत्रोच्चि के खिलाफ सभी आपराधिक मामले बंद करने की सीबीआई की मांग करने वाले आवेदन का विरोध किया था।
न्यायालय ने कहा कि वह सीबीआई की इस दलील से संतुष्ट है कि आयकर आदेश, एक कर संबंधी मुद्दा है न कि मामले का आपराधिक पक्ष।
जांच एजेंसी की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता पी.पी. मलहोत्रा ने न्यायालय को बताया कि न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में कहा है कि दलाली का मामला केवल आयकर से जुड़ा है न कि मुकदमे के आपराधिक पहलू से।
मलहोत्रा ने न्यायालय को बताया कि क्वोत्रोच्चि के खिलाफ मामले में अंतिम रिपोर्ट पेश करने के जांच एजेंसी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से उन्हें ऐसा कहने के लिए निर्देश मिला है और इस मुद्दे पर वह दस्तावेज पेश करेंगे।
न्यायालय ने अग्रवाल से उस प्रश्न का जवाब देने के लिए कहा, "न्यायालय कैसे क्वोत्रोच्चि की मौजूदगी सुनिश्चित कर सकती है।"
न्यायालय इस मुद्दे पर अगली सुनवाई 10 फरवरी को करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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