विपक्ष के हंगामे के चलते राज्यपाल ने बीच में छोड़ा अभिभाषण
नए साल के आरम्भ में विधानमंडल की कार्यवाही शुरू करने के लिए भारद्वाज ने जैसे ही अपना सम्बोधन शुरू किया। उसी समय कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के सदस्य नारेबाजी करने लगे। सदस्यों ने राज्यपाल से, "भ्रष्ट सरकार की झूठ के पुलिंदों को न पढ़ने के लिए कहा।"
राज्यपाल ने विधानमंडल के सम्बोधन में बस इतना ही कहा, "माननीय सदस्यों, मेरी सरकार" इसके बाद भारद्वाज विधानसभा और विधान परिषद के पीठासीन अधिकारियों से सलाह लेने के बाद अपने स्थान पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वह अपना अभिभाषण सदन के पटल पर रख रहे हैं।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा बेंगलुरू और उसके आप पास भूमि आवंटन में अपने रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
कर्नाटक के इतिहास में यह पहला मौका है जब राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा नहीं पढ़ा। सदन की कार्यवाही केवल पांच मिनट चली।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के इस रवैये की आलोचना करते हुए कहा, "उन्होंने पंचायत चुनावों में अपने खराब प्रदर्शन से कुछ सीखा नहीं है।"
उन्होंने कहा, "यदि सदन की कार्यवाही वे आगे भी बाधित करते हैं तो जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।"
जनता दल (सेक्युलर) ने घोषणा की है कि जब तक येदियुरप्पा अपने पद से इस्तीफा नहीं देते तब तक वह 10 दिनों की सदन की कार्यवाही चलने नहीं देगी। कांग्रेस ने कहा है कि वह दोनों सदनों में आंदोलन को तेज करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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