महंगाई दर पर कांग्रेस के वादे की कलई खुली : भाजपा
भाजपा के प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रतिदिन बढ़ रही महंगाई को नियंत्रित करने में सरकार पूरी तरह से विफल रही है। महंगाई कैसे कम की जाए इस दिशा में सरकार कोई ठोस कदम उठा पाने में असफल साबित हुई है। यही नहीं, न सोनिया गांधी, न प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और न ही कैबिनेट के अन्य मंत्री महंगाई कम करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करते दिखाई पड़ रहे हैं।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 25 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के लिए खाद्य महंगाई दर 18.32 फीसदी पर जा पहुंची है, जो इससे पिछले सप्ताह 14.44 फीसदी थी।
बयान में कहा गया कि आम जनता के पेट से जुड़ा मुद्दा 'महंगाई' पर सरकार के जिम्मेदार मंत्रियों के बयान में भारी विरोधाभास भी एक गंभीर चिंता का विषय है। ऐसा लगता है कि इस मुद्दे को लेकर सरकार कहीं चिंतित दिखाई नहीं पड़ती। न ही ऐसे गंभीर मुद्दे पर कैबिनेट की बैठक में कोई गंभीर चर्चा की जाती है। तभी तो कैबिनेट के मंत्रियों की राय में भिन्नता दिखाई पड़ती है।
इसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता महंगाई जैसी गंभीर समस्या से आम जनता को निजात दिलाने से कहीं ज्यादा अपनी गठबंधन सरकार को बचाए रखने की है। तभी वे सहयोगी दलों के मंत्री और मंत्रालय, जिन पर महंगाई को नियंत्रित रखने की जिम्मेदारी है, उन पर न कोई जिम्मेदारी तय कर पा रहे हैं और न ही महंगाई कम करने के लिए कोई दबाव बना पा रहे हैं।
"आश्चर्य तो यह भी है कि जिन मंत्रियों पर महंगाई को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी है उन मंत्रियों के बयान से महंगाई और बढ़ जाती है। इन मंत्रियों के बयान कालाबाजारियों के लिए भविष्यवाणी की तरह काम करते हैं।"
'अब तो केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान महंगाई से आने वाले दिनों में भी शायद ही राहत मिल पाए। बढ़ती कीमत पर लगाम लगने पर आशंका जताते हुए कह रहे हैं कि सरकार के हाथ में कारगर उपाय उन्हें नहीं दिखता है। चिदंबरम ने आखिरकार यह बात स्वीकार कर ली है कि महंगाई से बुरा कर कोई नहीं है, जो आम जनता की कमाई खा जाती है।'
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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