छत्तीसगढ़ कोयला खान पर कांग्रेस ने स्थगित किया फैसला
कम्पनी द्वारा सामाजिक कार्य के अंतर्गत मांग किए जा रहे कार्यो को करने और गेवरा, दिप्का, कुसमुंडा तथा कोरबा क्षेत्रों में खदानों के कारण विस्थापित हुए लोगों को रोजगार देने की बात स्वीकार करने के बाद कांग्रेस ने अपना फैसला स्थगित कर दिया।
ये चारों खान कम्पनी के बड़े खानों में गिने जाते हैं। एसईसीएल कोल इंडिया लिमिटेड की आठ सहायक कम्पनियों में से एक है।
छत्तीसगढ़ के पांच जिलों बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा और कोरिया तथा मध्य प्रदेश के तीन जिलों शहडोल, उमारिया और अनुपपुर में कम्पनी के कुल 92 खान हैं।
कम्पनी के खिलाफ अभियान की अगुवाई कर रहे कोरबा के विधायक जयसिंह अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा कि कम्पनी प्रबंधन द्वारा बातचीत शुरू करने और हमारी प्रमुख मांगों को पूरा करने का वादा करने के बाद कम्पनी के कोयला उत्पादन बंद करवाने के फैसले को फिलहाल टाल दिया गया है।
एसईसीएल के प्रवक्ता आलोक कुमार सिन्हा ने कहा कि अब सामाजिक जवाबदेही के तहत कोष कोरबा के क्षेत्रों में भेजा जाएगा और इसे जरूरत के आधार पर खर्च किया जाएगा। इस सम्बंध में स्थानीय प्रतिनिधि, एसईसीएल और जिला अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से फैसला लिया जाएगा।
कम्पनी ने विस्थापन का मसला कोल इंडिया लिमिटेड के पास भेज दिया है, क्योंकि यह नीतिगत मसला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications