तेलंगाना रिपोर्ट पर खुले दिमाग से विचार करें : चिदम्बरम (लीड-2)
चिदम्बरम ने रिपोर्ट पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैं सभी राजनीतिक दलों व मामले से जुड़े सभी पक्षों से आग्रह करता हूं कि वे रिपोर्ट को पूरी तरह पढ़े बिना कोई तात्कालिक परिणाम न निकालें। इसमें छह विकल्प सुझाए गए हैं और समिति ने प्रत्येक विकल्प के नफे-नुकसान की जानकारी के साथ अपना दृष्टिकोण भी पेश किया है।"
उन्होंने कहा कि समिति ने ही पहले तीनों विकल्पों को अव्यवहारिक बताते हुए खारिज कर दिया है। शेष तीन विकल्पों पर आगे का रास्ता देखा जा सकता है।
चिदम्बरम ने तेलंगाना सहित पूरे आंध्र प्रदेश की जनता व राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे इस रिपोर्ट का सम्मान करें और सरकार को सहयोग दें।
उन्होंने राजनीतिक दलों व सम्बंधित समूहों से कहा, "मैं चाहता हूं कि आप रिपोर्ट और इसकी अनुशंसाओं को खुले दिमाग से पढ़ें और उनसे सहमत होने के लिए तैयार हों।"
गृह मंत्री ने कहा कि बैठक में शामिल न होने के कुछ राजनीतिक दलों के निर्णय पर वह खेद जताते हैं। "यह श्रीकृष्णा समिति द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्य और इस रिपोर्ट के साथ न्याय नहीं है।"
उन्होंने कहा, "फिर भी मैं चाहता हूं उन सभी दलों को रिपोर्ट की प्रति भेजी जाए जिन्होंने इस बैठक से स्वयं को दूर रखा है।"
उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने सर्वदलीय बैठक में हिस्सा नहीं लिया है उनसे आग्रह है कि वे पहले रिपोर्ट को पूरी तरह से पढ़ें और उसके बाद अपनी प्रतिक्रिया दें या किसी निष्कर्ष पर पहुंचें।
बैठक में आमंत्रित किए गए आठ राजनीतिक दलों में से केवल पांच ही इसमें शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (एमआईएम) और प्रजा राज्यम पार्टी के नेता शामिल हुए। जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस), तेलगु देशम पार्टी (तेदेपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बैठक का बहिष्कार किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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