कैंटीन अनियमितताओं पर पीएसी के पत्र की जानकरी नहीं : सेना प्रमुख
सिंह ने यहां एक पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बताया, "मुझे पीएसी के किसी पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बारे में कुछ पता नहीं है।"
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को बताया था कि सेना की तीनों इकाइयों द्वारा चलाई जा रही कैंटीन्स के खातों की जानकारी नियंत्रणक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को दिए जाने के मामले पर नौसेना, वायुसेना और सेना प्रमुखों ने मंत्रालय को कोई जवाब नहीं दिया था। इसी वजह से पीएसी ने तीनों सैन्य प्रमुखों को पूछताछ के लिए बुलाया था।
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में जारी एक रिपोर्ट में कैग ने 'कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट'(सीएसडी) की सेवा मुहैया कराने के तरीकों और सैन्य इकाई द्वारा संचालित कैटीन्स और उनके खाता-बही में पारदर्शिता को लेकर आलोचना की थी।
सेना ने बचाव करते हुए कहा था कि कैटीन्स और उनके खातों का लेखा-जोखा रखने का सेना का अपना एक तरीका है।
देश में कैंटीन की 3,600 इकाइयां हैं। जिसे सेना ऋण के आधार पर सैन्य परिसरों में संचालित करती है। कैग की रिपोर्ट के पाया गया था कि कैंटीन में मिलने वाली रियायतों से वर्ष 2002-03 से 2008-09 के दौरान सरकार को 441 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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