बिहार में जनप्रतिनिधियों की हत्या कोई नई बात नहीं
पूर्णिया के विधायक केसरी की हत्या रूपम पाठक नामक एक महिला ने सरेआम की थी। पाठक को तुरंत ही गिरफ्तार कर लिया गया। इसके पूर्व 23 फवरी, 1998 को गोविंदगंज के विधायक देवेन्द्र दुबे की हत्या अपराधियों ने कर दी थी। इस हत्या का आरोप तत्कालीन उर्जा मंत्री बृजबिहारी प्रसाद पर लगा था।
इस घटना के कुछ ही दिन बीते थे कि 13 जून, 1998 को एक अस्पताल में भर्ती प्रसाद की भी हत्या कर दी गई। गौरतलब है कि तब वह एक घोटाले के आरोप में पुलिस हिरासत में थे। प्रसाद की हत्या के अगले दिन 14 जून को पूर्णिया के विधायक अजीत सरकार की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इसी तरह 3 जुलाई, 1995 को जनता दल के विधायक अशोक सिंह की हत्या उनके सरकारी आवास पर कर दी गई थी। इस हमले में अपराधियों द्वारा की गई बमबारी में विधायक के चिथड़े उड़ गये थे।
इसके पूर्व वैशाली विधानसभा के विधायक हेमंत शाही की हत्या 28 मार्च, 1992 को गोरौल में कर दी गई थी। उल्लेखनीय है कि हेमंत पूर्व केन्द्रीय मंत्री ललितेश्वर प्रसाद शाही के पुत्र थे।
6 जुलाई, 1989 को बगहा के विधायक त्रिलोकी को एक अपराधी गिरोह द्वारा अगवा कर हत्या किए जाने की घटना ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया था। यही नहीं बिहार में पूर्व विधायकों की हत्याएं भी होती रही हैं। इनमें जगदेव प्रसाद, एजाज हुसैन, राजाराम चौधरी, वीरेन्द्र सिंह, बीर बहादुर सिंह और विनोद सिंह शामिल हैं।
पूर्णिया इस मामले में ज्यादा रक्तरंजित क्षेत्र के रूप में उभरा है। पूर्णिया के लोगों के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा कि पिछले 12 साल में यहां दो ऐसे लोगों की हत्या कर दी गई जिन्हें उन्होंने अपना जनप्रतिनिधि चुनकर विधानसभा में भेजा था। केसरी और सरकार ऐसे जनप्रतिनिधि थे जो चौथी बार विधायक बने थे।
विशेष बात यह है कि कोसी क्षेत्र में महिला प्रतिशोध की यह दूसरी घटना किसी जनप्रतिनिधि के साथ घटी है। केसरी की हत्या करने वाली महिला का आरोप है कि विधायक ने उसके साथ दुराचार किया। हालांकि पुलिस अभी मामले में लोगों से पूछताछ कर रही है।
इसके पूर्व वर्ष 1995 में 16 नवंबर की रात सुपौल जिले के छातापुर विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक योगेन्द्र सरदार का एक महिला ने गुप्तांग काट लिया था। घटना त्रिवेणगंज प्रखंड के हेमंतगंज गांव की है। उस महिला का आरोप था कि विधायक समेत उसके कुछ लोगों ने उससे सामूहिक दुष्कर्म किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications