मप्र शीतलहर की चपेट में, स्कूलों में अवकाश (लीड-2)
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैाहान ने पत्रकारों से कहा कि छह से 15 जनवरी तक राज्य के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों (पहली से आठवीं तक) में अवकाश के लिए सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। जिलाधिकारियों को निजी विद्यालयों में भी अवकाश घोषित करने की हिदायत दी गई है।
ज्ञात हो कि राज्य पिछले एक सप्ताह से शीतलहर की चपेट में है और तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। राज्य भर में न्यूनतम तापमान एक से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
जबलपुर में ठंड कहर बनकर टूटी है। यहां के एमएलबी विद्यालय की पांच छात्राएं ठंड के कारण बेहोश हो गईं। एक छात्रा के मुंह से खून भी आया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक एस.पी. जैन ने बताया कि ठंड ज्यादा होने के कारण बच्चे बेहोश हो रहे हैं।
पीड़ित छात्रा ने बताया कि सुबह जब वह विद्यालय पहुंची तो उसे ठंड लगी और चक्कर आने के बाद वह बेहोश हो गई। परिजनों ने विद्यालय का समय सुबह नौ बजे किए जाने की मांग की है।
तापमान में हो रही लगातार गिरावट के चलते राजधानी भोपाल सहित अन्य जिलों में विद्यालयों के समय में तब्दीली कर दी गई है। अब अधिकांश विद्यालय सुबह आठ बजे के बाद खुल रहे हैं।
भोपाल स्थित मौसम विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय के मुताबिक बीते 24 घंटों में उमरिया और गुना सबसे ज्यादा ठंडे रहे, यहां तापमान एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान एक से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच है। साथ ही सर्द हवाओं का जोर जारी है।
दूसरी ओर सर्दी के चलते फसलों पर पाले का खतरा मंडराने लगा है। कृषि संचालक डा. पी.एन. शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट होने से फसलों को पाले का खतरा है। पाले से फसलों को बचाने लिए उन्होंने किसानों को खेतों की मेड़ पर कचरा जलाने की सलाह दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications