मेघालय में कर्फ्यू में ढील
मेंदीपाथर और असम की सीमा से लगते गोलपाड़ा इलाकों में सोमवार की रात गारो एवं राभा जनजातियों के बीच कर्फ्यू झड़प के बाद लगाया गया था।
जिले के उपायुक्त प्रवीण बक्शी ने आईएएनएस को बताया कि कर्फ्यू में ढील दोपहर बाद दो बजे शुरू गई।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने मंगलवार को तनावग्रस्त इलाकों में फ्लैग मार्च किया, जबकि वहां सेना की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
इस बीच, जनजातीय मतभेद दूर करने के प्रयास के तहत अधिकारियों और मजबूत माने जाने वाले गारो छात्र संघ सहित सामाजिक संगठनों ने गोलपाड़ा जिले के अधिकारियों एवं ऑल राभा स्टूडेंट्स यूनियन से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और झगड़े पर उतारू जनजातियों से शांति बनाए रखने की अपील की।
संगमा ने आईएएनएस से कहा, "मैंने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया और जिले के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सामान्य स्थिति बहाल करें तथा हिंसा न होना सुनिश्चित करने के लिए हालात पर कड़ी नजर रखें।"
पुलिस का कहना है कि 2,000 से अधिक परिवारों को विस्थापित होना पड़ा है तथा राभा युवाओं द्वारा हाल में किए गए हमलों के जवाब में गारो जनजाति के लोगों ने कथित तौर पर 200 से अधिक मकान फूंक दिए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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