कांग्रेस के लिए कुर्सी नहीं छोड़ेंगे मुख्यमंत्री उमर
उमर मुख्यमंत्री के रूप में दो वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।
जब एक संवाददाता ने उमर के पिता और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला से सत्ताधारी गठबंधन में उभरे मतभेदों के बारे में पूछा तो उमर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मतभेद की बात मीडिया की एक कल्पना है। उन्होंने कहा, "गठबंधन में कोई मतभेद नहीं है।"
उमर ने कहा, "मैंने जब राज्य में गठबंधन सरकार बनाने से पहले दिसम्बर 2008 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, तो उस समय बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद पर काबिज होने का कोई मुद्दा नहीं था।"
उमर ने कहा, "मुझे बताया गया था कि मैं विधानसभा के पूरे कार्यकाल तक मुख्यमंत्री रहूंगा। कांग्रेस हाईकमान मेरे काम से खुश भी है।"
बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद पर काबिज होने का मुद्दा राज्य के अति वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री मंगत राम शर्मा ने उठाया है।
शर्मा ने इस मुद्दे को दिसम्बर 2010 में जम्मू में आयोजित एक रैली में उठाया था। उस समय उन्होंने कहा था कि गठबंधन तभी सहज रूप में चल सकता है, जब उमर के मुख्यमंत्री पद पर तीन वर्ष पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री पद जनवरी 2011 में कांग्रेस को दे दिया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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