राजस्थान सरकार के साथ गुर्जरों की बातचीत फिर शुरू
जयपुर, 5 जनवरी (आईएएनएस)। गुर्जरों के 36 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राजस्थान सरकार के साथ फिर बातचीत शुरू की। जबकि पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जरों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी रहा।
कर्नल (सेवानिवृत्त) के.एस.बैंसला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर पैदा हुए गतिरोध को समाप्त करने की कोशिश में तीन मंत्रियों की समिति के साथ बातचीत शुरू की।
गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमें पूरा भरोसा है कि हम गुर्जर समुदाय के साथ किसी सौहार्दपूर्ण समझौते पर पहुंच जाएंगे।"
इस बीच सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समुदाय की ओर से जारी आंदोलन बुधवार को 17वें दिन भी जारी रहा। परिणामस्वरूप राज्य में रेल सेवाएं बाधित रहीं।
आंदोलनरत गुर्जर समुदाय के लोग बड़ी संख्या में भरतपुर जिले में बयाना के पास रेल पटरी पर धरने पर बैठे रहे। रेल गाड़ियों का आवागमन बाधित रहा।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सरकार ने आरक्षण के खिलाफ उच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर कम से कम इस समय नौकरियों में आरक्षण मुहैया कराने में अपनी कठिनाई से गुर्जर समुदाय को अवगत करा दिया है।
एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, "सरकार ने गुर्जरों को भरोसा दिया है कि वह उनके मामले को उच्च न्यायालय में मजबूती के साथ पेश करेगी।"
बैंसला ने कहा वह आशावान हैं। उन्होंने कहा, "मैं आशावान हूं कि आज (बुधवार) कोई समझौता हो जाएगा। मैं इस मुद्दे का स्थायी समाधान चाहता हूं।"
इसके पहले मंगलवार की शाम बैंसला और राजस्थान सरकार के बीच हुई बातचीत फिर अधूरी रह गई थी।
मंगलवार शाम जयपुर पहुंचने के तत्काल बाद बैंसला ने ऊर्जा मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की थी। सिंह खुद गुर्जर समुदाय से हैं।
सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैंसला और उनके साथियों से दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि बातचीत सकारात्मक रुख के साथ समाप्त हुई थी।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार गुर्जर समुदाय की 11 मांगों में से नौ को स्वीकार करने को तैयार है। बाकी दो मांगों पर बातचीत जारी है।
लेकिन गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने कहा कि सरकार अभी भी आरक्षण की उनकी मांग पर स्पष्ट नहीं है।
हिम्मत सिंह ने कहा, "उन्होंने आरक्षण की हमारी मांग का सौहार्दपूर्ण हल निकलने तक सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया रोकने की हमारी मांग स्वीकार नहीं की है। सरकार हमें यह नहीं बता पाई है कि पांच प्रतिशत आरक्षण हमें कब और कैसे मुहैया कराया जाएगा।"
लेकिन सरकार ने बातचीत को फलदायी बताया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications