क्वोत्रोच्चि के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं : सीबीआई
तीस हजारी अदालत में सीबीआई की यह याचिका ऐसे समय में पेश की गई है, जब एक दिन पहले ही एक आयकर न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में कहा है कि क्वात्रोच्चि और उसके साथी विन चड्ढा ने 1986 में होवित्जर तोपों के लगभग 15 अरब रुपये के सौदे में सरकारी नीति के खिलाफ 41.20 करोड़ रुपये की दलाली ली थी।
अदालत मंगलवार को ही बाद में अपना फैसला सुना सकती है।
सीबीआई की याचिका का विरोध करते हुए अधिवक्ता अजय अग्रवाल ने दावा किया कि उनके पास क्वोत्रोच्चि के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन सीबीआई फिर भी इस मामले को दफन करना चाहती है।
सीबीआई इस आधार पर क्वात्रोच्चि के खिलाफ आपराधिक मामले को समाप्त करना चाहती है कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है, लिहाजा मामले को जिंदा रखने का कोई अर्थ नहीं होगा।
सीबीआई ने 1999 में पूर्व रक्षा सचिव एस.के.भटनागर, क्वोत्रोच्चि, चड्ढा, बोफोर्स के पूर्व प्रमुख मार्टिन आर्डबो और बोफोर्स कम्पनी के खिलाफ आरोप दायर किया था।
भटनागर, आर्डबो और चड्ढा का निधन हो चुका है। इस मामले में जीवित बचे आरोपियों में एक मात्र क्वोत्रोच्चि ही है। लेकिन वह भारत में आज तक किसी भी अदालत में पेश नहीं हुआ है।
सीबीआई क्वोत्रोच्चि के प्रत्यर्पण में दो बार विफल हो चुकी है। पहली बार 2003 में मलेशिया से प्रत्यर्पित कराने में और दूसरी बार 2007 में अर्जेटिना से प्रत्यर्पित कराने में।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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