छत्तीसगढ़: बिनायक सेन के लिए नक्सलियों का विरोध सप्ताह
अब नक्सलियों ने भी बिनायक सेन के समर्थन में संगठित होना शुरू कर दिया है। नक्सली उन्हे दी गई सजी के विरोध में 2 से 8 जनवरी तक विरोध सप्ताह मना रहे हैं। इस विरोध सप्ताह के दूसरे दिन भी छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में जनजीवन बाधित हुआ। अदालत ने 24 दिसम्बर को सेन, नक्सलियों की विचारधारा के समर्थक नारायण सान्याल और कोलकाता के व्यवसायी पीयूष गुहा को राजद्रोह का दोषी ठहराते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
पुलिस के मुताबिक नक्सलियों के प्रदर्शन के चलते लौह अयस्क की ढुलाई तथा दंतेवाड़ा जिले के बैलाडिला में खनन कार्य भी प्रभावित हुआ। नक्सलियों के विरोध प्रदर्शन का असर देश की लौह अयस्क उत्पादक कम्पनी एनएमडीसी लिमिटेड पर भी पड़ा है। कम्पनी की माल ढुलाई कम से कम 20 फीसदी तक प्रभावित हुई है। कम्पनी के एक अधिकारी के मुताबिक माल की ढुलाई दिन में तो नहीं प्रभावित हुई लेकिन रात में रेलवे द्वारा अपने रैकस वापस ले लिए जाने से ढुलाई प्रभावित हो रही है।
बस्तर क्षेत्र के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "बस्तर क्षेत्र में हालांकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नक्सलियों के प्रदर्शन की वजह से लोग घरों से बाहर बहुत कम निकल रहे हैं। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले में वाहन नहीं चल रहे हैं।" उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने बस्तर क्षेत्र के पांच जिलों नारायणपुर, कांकेर, बस्तर, बीजापुर और दंतेवाड़ा के दूरदराज वाले इलाकों में दर्जनभर सड़कों को अवरूद्ध कर दिया जिससे जनजीवन बाधित हुआ।













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