हुर्रियत नेता के बयान से हमारे तथ्य हुए पुष्ट : पुलिस (लीड-1)
श्रीनगर, 3 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस प्रमुख ने सोमवार को कहा कि हुर्रियत नेता अब्दुल गनी भट के इस बयान से पुलिस के तथ्य की पुष्टि होती है कि उनके भाई की हत्या अलगावादियों ने की, भारतीय सुरक्षा बल ने नहीं।
पुलिस महानिदेशक कुलदीप खोड़ा ने अॉल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस के पूर्व अध्यक्ष के बयान पर टिप्पणी करते हुए मीडिया से कहा, "भट ने वही कहा है, जो हम काफी पहले से कहते रहे हैं।"
भट ने रविवार को श्रीनगर में जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में कहा था कि नरमपंथी हुर्रियत प्रमुख मीरवाइज उमर फारूख के पिता मीरवाइज मौलवी मोहम्मद फारूख और पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष अब्दुल गनी लोन की हत्या अलगावादी बंदूकधारियों ने की थी। इन हत्याओं में सुरक्षा बलों का हाथ नहीं है।
भट के बयान से सम्मेलन में मौजूद लोगों में खलबली मच गई थी। वहां मीरवाइज उमर फारूख सहित कई अवगाववादी नेता मौजूद थे।
खोड़ा ने कहा कि पुलिस हमेशा से इस बात पर कायम रही है कि अलगावादी बंदूकधारियों ने प्रतिद्वंद्वी धड़े के नेताओं की हत्या की है।
उन्होंने कहा, "अब जबकि एक अलगाववादी नेता स्वयं इस बात का खुलासा कर रहे हैं, मैं यह कह सकता हूं कि हमारे तथ्य दोष रहित हैं।"
उल्लेखनीय है कि भट के भाई मोहम्मद सुल्तान भट (55) की अज्ञात बंदूकधारियों ने वर्ष 1995 में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
अलगाववादी मुस्लिम कांफ्रेंस के अध्यक्ष भट की हमेशा से ही कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी से असहमति रही है। इस बात को आम लोग और अलगाववादी संगठन से जुड़े लोग भी जानते हैं।
श्रीनगर में आईएएनएस से बातचीत के दौरान भट ने भाई की हत्या के लिए अलगाववादी बंदूकधारियों को जिम्मेदार ठहराया। भट ने कहा, "सभी लोग जानते हैं कि मेरे भाई की हत्या किसने की है।"
भट ने कहा, "मैंने कल जो कुछ कहा था उसमें नया कुछ नहीं है।"
उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि काफी गम्भीर गलतियां हुईं हैं और उन गलतियों को सुधारने का सबसे अच्छा तरीका है कि आत्ममंथन किया जाए।"
उन्होंने कहा, "मैंने पहले भी कहा था कि मीरवाइज मोहम्मद फारूख और अब्दुल गनी लोन की हत्या हमारे अपने लोगों ने ही की थी।"
गौरतलब है कि मौलवी फारुख और लोन की क्रमश: वर्ष 1990 और 2002 में हत्या कर दी गई थी।
भट ने कहा, "मुझे इस बात को स्वीकार करते हुए काफी दुख होता है कि हम अलगाववादी संघर्ष को नियंत्रित करने में नाकाम रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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