उड़ीसा में खनन विरोधी संगठन के बंद से जनजीवन प्रभावित

भुवनेश्वर, 3 जनवरी (आईएएनएस)। उड़ीसा में एक खनन विरोधी संगठन ने पुलिस मुठभेड़ में दो लोगों के मारे जाने के बाद इसके विरोध में सोमवार को दिनभर के बंद का ऐलान किया। बंद की वजह से राज्य के विभिन्न भागों में जनजीवन प्रभावित हुआ।

पुलिस के मुताबिक बारगढ़ जिले के झारबंध, पदमपुर और पाइकमल प्रखण्डों के विभिन्न कस्बों और गांवों में बंद से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ। दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठन बंद रहे और वाहनों की आवाजाही भी नहीं हुई।

क्षेत्र में निजी और व्यावसायिक प्रतिष्ठन भी बंद रहे। इस बंद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस का भी समर्थन प्राप्त था।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्कूलों, कॉलेजों पर बंद का असर रहा। इसके अलावा निजी और सरकारी प्रतिष्ठान या तो बंद रहे या वहां कम उपस्थिति देखने को मिली।

उल्लेखनीय है कि गंधमर्दन युवा सुरक्षा परिषद (जीएसवाईपी) ने पुलिस की उस कार्रवाई के विरोध में बंद का ऐलान किया जिसमें 26 दिसम्बर को गंधमर्दन हिल इलाके में एक मुठभेड़ के दौरान माधव सिंह ठाकुर और रमेश साहू मारे गए थे।

पुलिस ने दावा किया था कि दोनों नक्सली थे और उनकी मौत पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान हुई। दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के इस दावे को झूठा बताया है।

परिषद के नेता प्रदीप पुरोहित ने कहा कि ठाकुर और साहू जीएसवाईपी संगठन के सदस्य होने के साथ ही भाजपा के सदस्य भी थे।

पुरोहित ने कहा, "पुलिस ने खनन विरोधी आंदोलन को कमजोर करने के लिए सोच-समझकर यह कार्रवाई की है। हम इस घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने तथा मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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