रबींद्र संगीत गायिका सुचित्रा मित्रा का निधन
चित्रा का निधन दोपहर में करीब 1.30 बजे हुआ। उस समय वह दोपहर का भोजन ले रही थीं।
वर्ष 1924 में जन्मी सुचित्रा ने छह दशक तक टैगोर के गीतों को अपनी आवाज में पेश कर प्रशंसकों को मंत्रमुग्ध किया। उनके रिकॉर्ड और सीडी आज भी बेहद लोकप्रिय हैं।
साहित्यकार सुरेंद्र मोहन मुखर्जी की बेटी सुचित्रा ने प्रख्यात गायक-संगीत निर्देशक पंकज मलिक से संगीत की शुरुआती शिक्षा ग्रहण की थी। बाद में वह एक छात्रवृत्ति पर शांतिनिकेतन चली गईं।
शांतिदेव घोष और शैलजारंजन मजूमदार जैसी संगीत की हस्तियों के सानिध्य और मार्गदर्शन में उनकी गायकी में और निखार आया। उन्होंने सबसे पहले 1945 में अपनी रिकॉर्डिग की।
वह रबींद्र भारती विश्वविद्यालय में रबींद्र संगीत विभाग की प्रमुख थीं। उन्हें 1973 में पद्मश्री से नवाजा गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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