आरुषि हत्याकांड : सीबीआई ने पुलिस पर फोड़ा नाकामी का ठीकरा
गाजियबाद के एक न्यायालय में सौंपे गए अपनी अंतिम रिपोर्ट में सीबीआई ने कहा है कि जांच में खामियों के लिए नोएडा पुलिस जिम्मेदार है, उसकी लापरवाही के चलते यह मामला अनसुलझा रह गया।
जांच एजेंसी ने कहा कि पुलिस की खामियों के चलते जांच टीम पंगु हो गई। इस हत्याकांड के 'प्राथमिक साक्ष्यों' की जांच और लोगों से पूछताछ सबसे पहले नोएडा पुलिस ने की।
आरुषि के माता पिता राजेश और नूपुर तलवार ने जांच में नाकामी और हत्या के शक के दायरे में राजेश तलवार को लेने पर सीबीआई को आड़े हाथों लिया है।
उल्लेखनीय है कि इस हत्याकांड की जांच जब सीबीआई के हवाले की गई तो साक्ष्यों से छेड़छाड़ की जा चुकी थी।
सीबीआई रिपोर्ट के मुताबिक जांच एजेंसी को जो साक्ष्य मिले वे कुछ इस हालत में थे :
आरुषि का शव सफेद चादर से ढंका हुआ था और विस्तर के चादर पर कोई सिलवट नहीं पड़ी थी।
आरुषि के पोस्टमार्टम को प्रभावित करने और उसके गुप्तांगों को साफ करने के साक्ष्य मिले।
तलवार के घरेलू नौकर हेमराज का शव घर की छत पर घसीटकर लाया गया और शव के ऊपर कूलर का ढक्कन रखा गया था।
पुलिस ने पहले हेमराज पर उसकी हत्या का शक जताया था और इसी आधार पर जांच शुरू की।
हेमराज का शव छत पर था और उस पर जाने वाली सीढ़ी का दरवाजा बंद था और सीढ़ियों से खून के धब्बों को साफ कर दिया गया था।
राजेश तलवार की भोजन की मेज पर बगैर गिलास के स्कॉच की बोतल मिली। इस पर आरुषि और हेमराज के खून का मिलना इशारा करता है कि हत्या किसी परिचित ने की। क्योंकि बाहरी व्यक्ति हत्या को अंजाम देने के बाद शराब पीने के लिए फ्लैट में नहीं रुकेगा।
सीबीआई का कहना है कि चादर और आरुषि के तकिए पर हेमराज का खून न मिलने से वह चकित है। इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि हेमराज की हत्या आरुषि के कमरे में हुई।
शव को घसीटे जाने के चिन्ह इस बात की ओर इशारा करते हैं कि हेमराज की हत्या छत पर नहीं बल्कि कहीं और की गई।
राजेश तलवार के कपड़ों पर आरुषि के खून के निशान मिले लेकिन हेमराज के नहीं।
हत्या वाली रात आरुषि के साथ तस्वीर में नूपुर तलवार ने जो कपड़े पहने थे, उन कपड़ों की फोरेंसिक जांच में खून के निशान नहीं मिले।
हत्या में शामिल हथियार बरामद नहीं हो सके।
हत्या में शामिल गोल्फ स्टिक पर जांच में खून के निशान नहीं मिले।
तलवार दंपति पर किए गए वैज्ञानिक परीक्षण भी उनकी हत्या में संलिप्तता के संकेत नहीं दिए।
इस हत्या में तलवार दंपति की स्पष्ट भूमिका तय करने वाला कोई सबूत नहीं मिला।
विशेषज्ञों ने शुरुआत में अंदेशा जताया कि आरुषि का गला खुखरी से रेता गया लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने कहा कि आरुषि का गला किसी सर्जिकल ब्लेड से काटा गया और इसे किसी प्रशिक्षित व्यक्ति ने अंजाम दिया।
हत्या बंद कमरे में हुई, इसलिए इसका कोई गवाह नहीं है।
यही नहीं हत्या के स्पष्ट उद्देश्य के बारे में भी पता नहीं चल सका।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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