गुर्जर वार्ता के लिए तैयार, भेजेंगे 51 सदस्यीय शिष्टमंडल
आंदोलनकारी गुर्जरों की नई मांगों की वजह से प्रस्तावित वार्ता को रोकना पड़ा।
आंदोलन का नेतृत्व करने वाली गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता रूप सिंह ने आईएएनएस को रविवार को बताया, "सेवानिवृत्त कर्नल के. एस. बैंसला ने तीन सदस्यीय मंत्री समिति से वार्ता के लिए एक शिष्टमंडल भेजने का फैसला किया है।"
सिंह ने कहा कि शिष्टमंडल में वह और बैंसला शामिल नहीं होंगे।
एक अधिकारी के मुताबिक बैंसला के अनुसार शिष्टमंडल में 21 नहीं बल्कि अब 51 सदस्य होंगे। इसमें 20 गुर्जर पीलू का पूरा से और अन्य सदस्य जयपुर जाते समय शिष्टमंडल में शामिल होंगे।
इसके पहले शनिवार को हुई बैठक में केंद्रीय दूरसंचार राज्य मंत्री सचिन पायलट, अशोक गहलोत सरकार में ऊर्जा मंत्री जितेंद्र सिंह और अन्य नेताओं ने बैंसला से वार्ता के लिए एक शिष्टमंडल भेजने का अनुरोध किया था।
बैंसला ने वार्ता से पहले कांग्रेस पार्टी में गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर सरकार की मंशा जानने की मांग की थी।
बैठक में पायलट ने कहा कि अशोक गहलोत सरकार गुर्जरों को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय के फैसले पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
गुर्जरों से बातचीत के लिए गठित तीन सदस्यीय मंत्री समिति में शामिल जितेंद्र सिंह जो स्वयं गुर्जर हैं, उन्होंने भी आंदोलनकारियों से वार्ता के लिए शिष्टमंडल भेजने का अनुरोध किया था।
ज्ञात हो कि आरक्षण मुद्दे पर जारी गतिरोध को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुर्जर नेताओं के एक शिष्टमंडल से गत शुक्रवार को मुलाकात की थी। इस पर गुरुवार को गुर्जर वार्ता के लिए अपना 21 सदस्यीय शिष्टमंडल जयपुर भेजने के लिए तैयार हो गए थे।
उल्लेखनीय है कि आंदोलन के 13 दिन के बाद भी दिल्ली-मुंबई रेल खंड पर रेलगाड़ियां काफी देरी से चल रही हैं। रविवार को भरतपुर जिले में बयाना के समीप आंदोलनकारियों ने रेल पटरियों पर धरना देना शुरू कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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