पुरी को अमेरिकी हवाई अड्डों पर तलाशी से परहेज नहीं (हरदीप पुरी के साक्षात्कार के साथ)
वाशिंगटन, 2 जनवरी (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरदीप पुरी का कहना है कि उन्हें अमेरिकी हवाई अड्डों पर ली जाने वाली गहन तलाशी से कोई दिक्कत नहीं है और वह अपने लिए कोई छूट नहीं चाहते।
पुरी ने आईएएनएस को बताया, "इस सब पर कोई विवाद नहीं है। जहां तक मेरा सवाल है, मेरी हाथों से टटोलकर तलाशी नहीं ली गई।" टेक्सास हवाई अड्डे पर नवम्बर में उनके साथ हुए एक घटनाक्रम का हवाला देते हुए पुरी ने कहा, "मैं नहीं जानता कि यह विवाद पैदा करने की कोशिश क्यों की गई।"
पुरी ने कहा, "मैं अमेरिकी प्रक्रियाओं से वाकिफ हूं। मैंने कभी किसी छूट की मांग नहीं की और मैं सुरक्षा बल से कभी भी अपने लिए कोई रियायत नहीं मांगूगा।"
पुरी ने कहा, "जब मैं सिक्योरिटी स्कैनर से गुजर रहा था तो उसमें बीप नहीं हुआ। इस पर जब उन्होंने मुझे हाथों से टटोलकर तलाशी देने के बारे में पूछा मैंने कहा कि आपके नियमों में ऐसा प्रावधान है कि मैं खुद हाथों से टटोलकर तलाशी दूं और यही वाकया हुआ था तो इसमें विवाद कहां से आ गया?"
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा की राजनयिकों की तलाशी को 'अस्वीकार्य' बताने सम्बंधी टिप्पणी पर पुरी ने कहा कि हमें यहां दो चीजें देखनी होंगी। कृष्णा ने यह बात मीरा शंकर के साथ हुई घटना के संदर्भ में कही थी, जिनकी दो बार तलाशी ली गई थी।
उन्होंने कहा, "जहां तक मेरी तलाशी लिए जाने का सम्बंध है, मैंने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है, जैसा मैंने अभी आपको बताया, मेरी हाथों से टटोलकर तलाशी नहीं ली गई। ऐसा प्रयास हो तो आप उस पर ऐतराज कर सकते हैं।"
पुरी ने कहा कि उनकी निजी राय यह है कि वह हाथों से टटोलकर तलाशी लिए जाने पर ऐतराज नहीं करते। उन्होंने कहा कि वह सुरक्षा के नियमों का खुशी-खुशी पालन करने में यकीन रखते हैं।
ऐसी घटनाएं कैसे टाली जाएं, यह पूछने पर पुरी ने कहा, "यह नई दिल्ली में सरकारी अधिकारियों को तय करना है। जहां तक मेरा प्रश्न है अमेरिका में यह सुरक्षा नियम है और ये वही तय करता है कि उसे कुछ श्रेणियों को छूट देनी है या नहीं।"
उन्होंने कहा, "यदि मुझे कोई सुझाव देने होंगे तो वे मैं सीधे सरकार को दूंगा। मैं इन्हें प्रेस के जरिये नहीं दूंगा, चाहे वे कितने ही मैत्रीपूर्ण क्यों न हों।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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