भारत, पाकिस्तान युद्ध नहीं झेल सकते : गिलानी (लीड-1)
टेलीविजन पर एक कार्यक्रम में भारत-पाकिस्तान सम्बंधों पर आधारित एक प्रश्न के जवाब में गिलानी ने कहा कि संवाद ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है, क्योंकि दोनों देश युद्ध नहीं झेल सकते। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हो रहा था।
समाचार एजेंसी एपीपी के अनुसार कार्यक्रम के दौरान तमाम लोग प्रधानमंत्री से फोन पर सवाल पूछ रहे थे। यह कार्यक्रम पाकिस्तान टीवी और दुनिया टीवी ने शनिवार की रात संयुक्त रूप से आयोजित किया था।
गिलानी ने भारत की उस प्रतिबद्धता को स्वीकार किया, जिसमें कहा गया है कि मुम्बई हमले के कारण द्विपक्षीय बातचीत नहीं रोकी जा सकती। लेकिन उन्होंने भारत पर आरोप भी लगाया कि वह पाकिस्तान के साथ किसी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है।
समाचार पत्र 'डॉन' ने गिलानी के हवाले से कहा है, "यद्यपि (भारतीय प्रधानमंत्री) मनमोहन सिंह मेरे साथ कई मुलाकातों में इस बात से सहमत हुए हैं कि मुम्बई हमले के कारण द्विपक्षीय बातचीत अवरुद्ध नहीं होनी चाहिए, लेकिन लगता है कि भारतीय शासक पाकिस्तान के साथ किसी तरह का समझौता न करने को लेकर घरेलू स्तर पर राजनीतिक दबाव में हैं।"
50 मिनट के इस कार्यक्रम में कई सारे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई।
गिलानी ने कहा कि उनकी सरकार नए साल (2011) में देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिहाद शुरू करेगी और इसके लिए कठोर संवैधानिक कदम उठाएगी।
गिलानी ने कहा, "नए वर्ष का यह हमारा संकल्प है कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ जिहाद शुरू करेंगे। मैंने मियां साहिब (नवाज शरीफ) से बात की है, ताकि हम जवाबदेही विधेयक को आम सहमति के साथ मंजूरी दे सकें। और मंजूरी इस तरीके से दी जाए कि कोई व्यक्ति इस पर उंगली न उठा सके।"
पाकिस्तानी क्षेत्र में अमेरिकी ड्रोन हमलों की अनुमति की आलोचना कर रहे लोगों को आड़े हाथों लेते हुए गिलानी ने कहा, "हम वाशिंगटन को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये हमले नुकसानदायक भी साबित हो सकते हैं।"
गिलानी ने कहा, "पाकिस्तान एक जिम्मेदार परमाणु सम्पन्न देश है और वह अमेरिकी ड्रोन हमलों को रोकने के लिए कोई गैरजिम्मेदाराना कदम नहीं उठा सकता। हालांकि हमें भरोसा है कि हम दुनिया को और अमेरिका को यह समझाने में सफल होंगे कि ड्रोन हमले न किए जाएं, क्योंकि इन हमलों का आम नागरिकों से आतंकियों को अलग-थलग करने के प्रयासों पर असर पड़ता है।"
गिलानी ने विकिलीक्स के बारे में अपने रुख को दोहराया और उसके द्वारा किए गए उस खुलासे को मनगढं़त बताया, जिसमें कहा गया था कि ड्रोन हमलों को गिलानी की मौन स्वीकृति है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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